लखनऊ. एससी-एसटी एक्ट पर दलितों के हितों के लिए लगातार आवाज बुलंद हो रही है. लेकिन, इसमें बीजेपी शीर्ष नेतृत्व के लिए संकट बढ़ती जा रही है. बीजेपी के नगीना से सांसद यशवंत सिंह ने नरेंद्र मोदी सरकार पर नाराजगी जताई है. उन्होंने एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सरकार पर सवाल उठाया है और नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर दलितों की आवाज बुलंद की है.

बता दें कि इससे पहले बहराइच से बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले, सोनभद्र से बीजेपी सांसद छोटेलाल खरवार और इटावा से सांसद अशोक दोहरे अपनी सरकार पर नाराजगी जता चुके हैं. अगले साल आम चुनाव होने हैं और देश में दलितों के मुद्दे पर काफी नाराजगी है. ऐसे में बीजेपी के अपने ही दलित सांसदों की नाराजगी उसे मुश्किल में डाल सकती है.

प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं दलित सांसद
यशवंत सिंह ने अपनी चिट्ठी में लिखा, बीजेपी के दलित सांसद प्रताड़ना का शिकार बनते जा रहे हैं. वे कई मुद्दों पर जनता को जवाब नहीं दे पा रहे हैं. उन्होंने मांग की कि मोदी सरकार एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कोशिश करके पलटवाए. उन्होंने बैकलॉग, प्रमोशन में आरक्षण और प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण की भी बात लिखी.

आरक्षण के कारण ही सांसद बने
उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा कि वह आरक्षण के कारण ही सासंद बन पाए हैं. लेकिन उनकी योग्यता का उपयोग नहीं हो पा रहा है. बता दें कि यशवंत सिंह जाटव समाज से आते हैं और दलित कैटेगरी में आता है. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में 30 करोड़ की आबादी वाले दलित समाज के लिए प्रत्यक्ष रूप से कुछ भी नहीं कहा है.