नई दिल्ली. बीजेपी ने यूपी और बिहार में होने वाले विधान परिषद के सदस्यों के चुनाव के लिए पार्टी की उम्मीदवारों की सूची जारी की है. इस सूची में यूपी से 10 और बिहार से 3 नाम हैं. इनमें यूपी से प्रमुख चेहरों में दो मुस्लिम नेताओं के नाम भी शामिल हैं. बता दें कि उत्तर प्रदेश की 13 विधान परिषद सीटों के लिए नामांकन 9 से 16 अप्रैल तक होंगे. इसके बाद 26 अप्रैल को चुनाव होंगे और इसी दिन रिजल्ट भी आ जाएगा.

यूपी – बीजेपी के ये हैं 10 उम्मीदवार 
1. डॉ. महेंद्र सिंह
2. मोहसिन रजा
3. डॉ. श्रीमती सरोजिनी अग्रवाल
4. बुक्कल नवाब
5. यशवंत सिंह
6. जयवीर सिंह
7. विद्यासागर सोनकर
8. विजय बहादुर पाठक
9. अशोक कटारिया
10. अशोक धवन

बिहार से  3 उम्मीदवार
1. सुशील कुमार मोदी
2. मंगल पांडेय
3. संजय पासवान

यूपी की विधानपरिषद में 100 सदस्य, ऐसे होगा चुनाव
यूपी की विधानपरिषद में 100 सदस्य हैं. इनमें से 13 सीटों पर फिलहाल चुनाव होने हैं. दरअसल, 5 मई को इनमें से 12 एमएलसी का कार्यकाल पूरा हो रहा है और एक सीट पहले से ही खाली है. राज्य में 100 विधान परिषद सदस्य हैं. इनमें से 38 विधान परिषद सदस्यों यानी एमएलसी का चयन विधायकों द्वारा होता है. 36 विधान परिषद सीटें ऐसी हैं, जिनका निर्वाचन स्थानीय निकाय द्वारा होता है. इसके अलावा 8 सदस्यों का चुनाव शिक्षकों द्वारा और 8 सदस्य स्नातक सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं. यूपी की विधान परिषद में 10 सदस्य मनोनीत होते हैं. विधान परिष के मेम्बर का कार्यकाल 6 साल का होता है. विधायकों द्वारा चुने जाने वाले विधान परिषद सदस्यों में से एक तिहाई सदस्य हर दो साल पर चुने जाते हैं.

10-11 सीट पर जीत सकती है बीजेपी 
विधान परिषद की जिन 13 सीटों का चुनाव है, वो विधायकों द्वारा चुने जाना हैं. एक सीट के लिए करीब 29 वोट की जरूरत होगी. राज्य की विधानसभा में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास 324 एमएल हैं. ऐसे में बीजेपी 10-11 सीटों जीत सकती है.

क्या है बीएसपी की जीत का गणित
एसपी के पास 47 विधायक हैं. इससे उसकी एक सीट पर जीत तय है. इसके बाद उसके 17 एमएल बचेंगे. अगर एसपी अपने इन विधायकों से बीएसपी के उम्मीदवार को वोटिंग करवाती है तो 18 सीटों वाली बीएसपी का एक एमएलसी बन सकता है. उसे जीत के लिए कांग्रेस और आरएलडी के वोटों की भी आवश्यकता नहीं होगी.

एसपी जिताना चाहेगी बीएसपी उम्मीदवार को
एसपी 2019 से पहले ही बीएसपी के साथ अपना गठबंधन मजबूत करना चाहत. राज्यसभा चुनावों से सबक लेते हुए एसपी इस बार बीएसपी कैंडिडेट्स को जितवाना चाहेगी. (इनपुट एजेंसी)