नई दिल्ली: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मैथ्स पेपर में पूछे गए सभी सवाल सलेबस से ही पूछे गए थे. रिपोर्ट के अनुसार 10वीं और 12वीं परीक्षा पेपर की जांच 5 मार्च 2018 से शुरू कर दी गई है और 15 मार्च तक इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. हालांकि 50 हाजार आंसर शीट्स की जांच अब भी बाकी है. बीएसईबी बोर्ड के अनुसार अंग्रेजी के शिक्षकों की संख्या कम होने के कारण कॉपियों की जांच धीमी हो गई है. BSEB इंटरमीडिएट परीक्षा 2018 का रिजल्ट अप्रैल के आखिरी सप्ताह में या मई की शुरुआत में जारी किया जा सकता है. परीक्षा देने वाले छात्र बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट biharboard.ac.in पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं. छात्रों को यह भी सलाह दी जाती है कि वह बोर्ड की वेबसाइट को लगातार चेक करते रहें.

यह भी पढ़ें: UP Board Result 2018: 15 अप्रैल को आएगा 10वीं, 12वीं का रिजल्ट, upresults.nic.in पर देखें

हिन्दुस्तान में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा में शामिल छात्रों का कहना है कि मैथ्स पेपर में कई ऐसे सवाल पूछे गए, जो सेलेबस से बाहर के थे. लिहाजा पटना, पुर्णिया और मुंगेर जिला के 7 हजार छात्रों ने पेपर खाली छोड़ दिया. इस पर बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि मैथ्स के पेपर में पूछे गए सभी सवाल सेलेबस से ही थे. ऐसे में मैथ्स पेपर के लिए ना तो अलग से मार्किंग होगी और ना ही ग्रेस मार्क्स के प्रावधान पर अब तक कोई फैसला लिया गया है.

बोर्ड अधिकारी के अनुसार पेपरों की जांच जारी है और उसे 20 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा. मार्क्सशीट बनाने का काम भी इसी दौरान पूरा होगा. बता दें कि इस साल फरवरी में ही बीएसईबी ने इंटरमीडिएट परीक्षा आयोजित की थी. BSEB 12वीं की परीक्षा 6 फरवरी, 2018 से शुरू होगी 16 फरवरी तक चली थी. इस परीक्षा में 11 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया. राज्य के 1,384 सेंटर्स पर परीक्षा आयोजित की गई थी.