चंडीगढ़: पंजाब में सोमवार को बंद के ऐलान को देखते हुए राज्य सरकार ने राज्य में बस और मोबाइल सेवाओं पर रोक लगाने का फैसला किया है. पंजाब में सोमवार को कई दलित संगठन अनुसूचित जाति. जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम को कमजोर किए जाने का आरोप लगाते हुए पंजाब बंद कर रहे हैं, जिसके बाद पंजाब सरकार ने बस और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रखने का आदेश दिया है. एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि दो अप्रैल को भारत बंद के आह्वान के मद्देनजर पंजाब सरकार ने सोमवार को पूरे राज्य में सार्वजनिक परिवहन की सेवाएं निलंबित रखने का फैसला किया है.

सोमवार को होने वाले दलित संगठनों के बंद पर लुधियाना के पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि, ”सोमवार को बंद के मद्देनजर 4 हजार पुलिस के जवानों और रैपिड एक्शन फोर्स की एक कंपनी को भी लगाया जाएगा. हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी”.

पंजाब के चीफ सेक्रेटरी करन ए सिंह ने रक्षा मंत्रालय के सचिव को एक पत्र लिखकर सोमवार को राज्य में होने वाले बंद को लेकर सेना को तैयार रखने का निवेदन किया है. अपने पत्र में सिंह ने लिखा है, ”दलित संगठनों द्वारा बुलाए गए बंद के मद्देनजर राज्य सरकार को पंजाब में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना की जरूरत पड़ सकती है इसलिए पंजाब में सेना को तैयार रखा जाए”.

उन्होंने बताया कि पीआरटीसी, पंजाब रोडवेज और पनबस की बसें सोमवार को सड़कों पर नहीं दौड़ेंगी तथा इन बसों की सेवाएं निलंबित रहेंगी. अधिकारी के अनुसार राज्य सरकार ने रविवार शाम पांच बजे से लेकर सोमवार रात ग्यारह बजे तक के लिए मोबाइल नेटवर्कों पर एसएमएस सेवाओं और डोंगल सेवाओं के अलावा मोबाइल इंटरनेट सेवाएं (2जी/3जी/,4जी/डीसीएमए) के निलंबन का आदेश भी दिया है.

सचिव (गृह) राहुल तिवारी ने बताया कि मोबाइल इंटरनेट सेवाओं के निलंबन का आदेश सोशल मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचार, अफवाहों को फैलाने से रोकने तथा शांति एवं व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए उठाया गया है. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य के लोगों खासकर अनुसूचित जाति के सदस्यों से संयम बरतने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है.