वडोडरा. पंजाब नेशनल बैंक में घोटाले के बाद बैंकिंग फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. ताजा मामला गुजरात के वडोदरा का है. केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने वडोदरा बेस्ड कंपनी डायमंड पॉवर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (डिपीआईएल) के खिलाफ 2654 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड का मामला दर्ज किया है. सीबीआई ने कंपनी के मालिक सुरेश नारायन भटनागर उनके बेटे अमित और सुमित पर केस दर्ज किया है. सीबीआई ने इनके घर और दफ्तर में छापेमारी भी की है.

सीबीआई के मुताबिक, कंपनी ने 11 पब्लिक सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के ग्रुप से कथित तौर पर साल 2008 के बाद से लोन लेना शुरू कर दिया. 29 जनवरी 2016 तक कर्ज की रकम 2654 करोड़ रुपये हो गई. बाद में कंपनी ने 2016-17 में इसे एनपीए घोषित कर दिया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को ऐसे वक्त में लोन मिला, जब रिजर्व बैंक की डिफॉल्टर लिस्ट और एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन की सतर्कता सूची में इस कंपनी का नाम शामिल कर लिया गया था. सीबीआई का मानना है कि बैंक अधिकारियों के बिना सांठ-गांठ के यह मुमकिन नहीं हो सकता है.

सीबीआई ने बताया कि कंपनी गलत स्टॉक स्टेमेंट सौंपकर कैश क्रेडिट खाते से रकम निकालती है. कंपनी पर एक्सिस बैंक से 255.52 करोड़, बैंक ऑफ इंडिया से 670.51 करोड़ रुपये, बैंक बड़ौदा से 348.99 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक का 279.46 करोड़ रुपये कर्ज है.

नीरव मोदी ने लगाया था करोड़ों को चूना

बता दें महाराष्ट्र के डायमंड कारोबारी नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक को करोड़ों का चूना लगाने के आरोप में सुर्खियों में हैं. घोटाला सामने आने के बाद वह फरार हैं. 12,636 करोड़ रुपये के इस घोटाले के बाद से एक के बाद एक बैंक घोटाले सामने आ रहे हैं. फिलहाल नीरव मोदी देश से बाहर हैं और जांच एजेंसियां उनकी तलाश कर रही है.