मुंबई: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वीडियोकॉन को 2012 में 3,250 करोड़ रुपए देने के मामले में आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक (एमडी) व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर के रिश्तेदार राजीव कोचर से शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी पूछताछ की. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई के बांद्रा स्थित कार्यालय में उनसे पूछताछ चल रही है. एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक, राजीव से ऋण पुनर्गठन में सिंगापुर स्थित उनकी कंपनी अविस्ता एडवायजरी की भूमिका को लेकर पूछताछ की गई.

अधिकारियों ने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकॉन को कर्ज दिलाने में उनकी मदद के बारे में भी पूछताछ की गई. यह कर्ज वेणुगोपाल धूत के स्वामित्व वाले वीडियोकॉन समूह को भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में 20 बैंकों के संघ द्वारा प्रदत्त 40,000 करोड़ रुपए की क्रेडिट का हिस्सा है.

सीबीआई ने गुरुवार और शुक्रवार को भी राजीव से इस सिलसिले में घंटों पूछताछ की थी. उनको गुरुवार को मुंबई हवाईअड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने दिन के 11 बजे रोक लिया था. वह सिंगापुर जाने वाले थे. बाद में उनको सीबीआई की टीम के हवाले कर दिया गया, जो उनको पूछताछ के लिए बांद्रा कार्यालय ले गई. यह पूछताछ उनके भाई दीपक कोचर और वीडियोकॉन के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत के विरुद्ध चल रही प्रारंभिक जांच के सिलसिले में की जा रही है.

एजेंसी ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर, वीडियाकॉन समूह के आधिकारियों व अन्य के खिलाफ प्रारंभिक जांच का मामला दर्ज किया है. यह मामला आईसीआईसीआई बैंक द्वारा बतौर संघ के अंग 2012 में वीडियोकॉन समूह को कर्ज की मंजूरी देने में किसी गड़बड़ी या अन्यथा का निर्धारण करने के लिए दर्ज किया गया है. मामले में हितों के टकराव के सवालों से जूझ रही चंदा कोचर का नाम प्रारंभिक जांच में नहीं आया है.

वीडियोकॉन के अध्यक्ष द्वारा एक कंपनी को 64 करोड़ रुपए का कर्ज देने पर सवाल उठाने वाली एक खबर आने के बाद यह मामला दर्ज किया गया था. दरअसल, जिस कंपनी को कर्ज दिया गया था, उसके प्रमोटर दीपक कोचर और धूत हैं और वीडियोकॉन को 3,250 करोड़ रुपए का कर्ज आईसीआईसीआई से मिलने के छह महीने के बाद उक्त कंपनी को कर्ज दिया गया था.

सूत्रों के मुताबिक, कर्ज व विवरणों की जांच के बाद चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन प्रमुख वेणुगोपाल धूत से भी पूछताछ की जा सकती है.