नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने सीबीएसई पेपर लीक मामले में 10 और लोगों से पूछताछ की. इसके बाद टीम ने परीक्षा नियंत्रक से भी इस मामले में बातचीत की. पुलिस अधिकारियों को सीबीएसई ने यह भी बताया कि उसके अध्यक्ष को 10वीं क्लास का गणित का पेपर लीक होने के बारे में परीक्षा से एक दिन पहले एक ई- मेल मिला था.

पुलिस को लगता है कि सीबीएसई को लगातार अलग-अलग तरीको से फैक्स, कूरियर और मेल के जरिए अलर्ट करने वाला ये विस्सल ब्लोअर एक ही शख्स है. जो इस मामले को सुलझाने में एक अहम कड़ी साबित हो सकता है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गूगल से उस मेल की तमाम जानकारी मांगी है. जिस मेल से सीबीएसई को पेपर लीक की शिकायत मिली थी. कहां से वो मेल जनरेट हुआ था कहां से वो मेल किया गया था.

अज्ञात शख्स ने भेजा था फैक्स
23 मार्च को सीबीएसई को एक अज्ञात शख्स ने अलर्ट करते हुए एक फैक्स भेजा था. दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर और 2 स्कूलों पर पेपर लीक करने का आरोप लगाया. इसपर 3 दिनों तक सीबीएसई की तरफ से कोई एक्शन नही लिया गया. वहीं, 26 मार्च को सीबीएसई के रोज एवेन्यू ऑफिस में एक कूरियर मिला, जिसमें 4 पेज में 12वीं क्लास के इकोनॉमिक्स के प्रश्न पत्र के जवाब लिखे हुए थे. साथ ही उसमें 4 लोगों के मोबाइल नंबर भी लिखे हुए थे, जिन्होंने व्हाट्सऐप पर ये पेपर रिसीव किए थे. दूसरी बार अगाह करने के बावजूद सीबीएसई ने पेपर्स कैंसिल नहीं किए.

चेयरपर्सन को मिला मेल
28 मार्च की सुबह 1 बजकर 39 मिनट पर devn532@gmail.com से सीबीएसई चेयरपर्सन को मेल मिला. उस मेल के साथ 12 पेज अटेच थे, जिनमें गणित के पेपर और उनके जवाब मौजूद थे. इस मेल में पेपर को कैंसिल करने की अपील भी की गई थी. लेकिन सीबीएसई ने पेपर कैंसिल नहीं किया. एग्जाम होने के 90 मिनट बाद पुलिस को शिकायत देकर इस बात की जानकारी दी.

व्हाट्सऐप ग्रुप पर लीक हुआ पेपर
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, 12वीं का इकनॉमिक्स का पेपर 10 व्हाट्सएप ग्रुप पर लीक हुआ था. हर ग्रुप में करीब 50 लोग मौजूद थे. इनमें ट्यूटर्स, स्टूडेंट्स और पेरेंट्स थे. वे 4 मोबाइल नंबर 26 तारीख को इकॉनॉमिक्स के सॉल्व पेपर के साथ रोज एवेन्यू ऑफिस में पार्सल के जरिए मिले थे. ये सभी ट्यूटर्स हैं, जो किसी न किसी व्हाट्सएप ग्रुप में ऐड थे.

35 लोगों से हुई थी पूछताछ
बता दें कि गणित और इकॉनोमिक की परीक्षा 28 मार्च और 26 मार्च को हुई थी. जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मामले के संबंध में गुरुवार तक एक कोचिंग सेंटर के मालिक, 18 छात्रों और ट्यूशन पढ़ाने वाले कुछ शिक्षकों समेत 35 लोगों से पूछताछ की. उन्होंने बताया कि पुलिस ने सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक से दो घंटे तक बातचीत की ताकि परीक्षा कराने की प्रक्रिया समझी जा सके.

पुलिस ने दर्ज किे दो मामले
अधिकारी ने बताया कि प्रश्न पत्र कैसे तैयार होता है, प्रश्न पत्र कहां रखे जाते हैं और विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक उन्हें कैसे वितरित किया जाता है, इसके बारे में चर्चा की गई. दिल्ली पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं. इकॉनोमिक्स का पेपर लीक होने के संबंध में पहला मामला 27 मार्च को और गणित का पेपर लीक होने का मामला 28 मार्च को दर्ज किया गया. सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक की शिकायत पर ये मामले दर्ज किए गए. ये मामले आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में दर्ज किए गए हैं. गणित के पेपर से जुड़ी शिकायत पर बोर्ड ने कहा कि परीक्षा से एक दिन पहले सीबीएसई अध्यक्ष की आधिकारिक आईडी पर लीक के बारे में एक ई- मेल आया था. उन्होंने बताया कि ईमेल भेजने वाले ने कहा था कि गणित का पेपर व्हाट्सएप पर लीक हो गया है और इसे रद्द किया जाना चाहिए.

ये टीम गठित
शिकायत के अनुसार, मेल में व्हाट्सएप पर कथित तौर पर लीक हुए गणित के पेपर की हाथ से लिखी प्रति भी अटैचमेंट के रूप में भेजी गई थी. मामले की जांच के लिए पुलिस के दो उपायुक्तों, चार सहायक पुलिस आयुक्तों और पांच निरीक्षकों का एक विशेष जांच दल गठित किया गया है. यह दल संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) की निगरानी में काम कर रहा है.