नई दिल्ली: सीबीएसई की 12 वीं कक्षा की अर्थशास्त्र और 10वीं की गणित की प्रश्न पत्र संदिग्ध रूप से लीक होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. सीबीएसई द्वारा इन विषयों की परीक्षा रद्द करने और उन्हें फिर से कराने के निर्णय के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है. शकरपुर निवासी रिपक कंसल द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि बिना जांच कराए सीबीएसई द्वारा फिर से परीक्षा आयोजित करने का कोई औचित्य नहीं है.

याचिका में कहा गया है, ‘‘ यह गौर किया गया कि इस वर्ष 16 लाख 38 हजार 428 छात्र 10वीं और 11 लाख 86 हजार 306 छात्र 12 वीं की परीक्षा में उपस्थित हुए. इस मामले में जांच पूरा हुए बिना छात्र समुदाय को दंडित करना और 28 मार्च 2018 को फिर से परीक्षा का नोटिस जारी करना छात्रों के मूलभूत अधिकारों को प्रभावित करता है. यह स्वेच्छाचारितापूर्ण, अवैध और असंवैधानिक है.’’ रिपक ने आरोप लगाया है कि परीक्षा शुरू होने से पहले सोशल मीडिया पर कई घंटे तक प्रश्न पत्र लीक होने की खबरें चलती रहीं.

CBSE Paper Leak: कुछ और पेपर भी लीक होने का नया दावा, सीबीएसई ने बताया फर्जी

याचिका में कहा गया है, ‘‘ सूचना और शिकायतों के बावजूद सीबीएसई ने प्रश्न पत्रों के लीक होने से इंकार किया और छात्रों तथा अभिभावकों से भयभीत नहीं होने की अपील की.’’ उन्होंने बोर्ड से कहा कि हो चुकी परीक्षाओं के आधार पर परिणाम घोषित किए जाएं. इसके अलावा सीबीएसई बोर्ड के पेपर लीक होने को लेकर और नए दावे सामने आए हैं. इनमें एक 12वीं के हिंदी के पेपर को सोशल मीडिया में दिखाते हुए इसके भी लीक होने का दावा किया गया है.

सीबीएसई ने इसे  तुरंत फर्जी बताते हुए लोगों को अफवाहों से बचने के लिए कहा है. वहीं, एक व्हिसलब्लोअर ने  दावा किया है कि पॉलिटिकल साइंस का पेपर भी लीक हुआ था. सीबीएसई ने सोशल मीडिया पर दिख रहे 12 वीं कक्षा के हिंदी के पर्चे को फर्जी बताते हुए शनिवार को लोगों से पर्चे को लेकर अफवाहें ना फैलाने की अपील की.