नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 10वी और 12वीं के पेपर लीक मामले में कार्रवाई करते हुए रविवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बोर्ड के अधिकारी को निलंबित कर दिया. इससे पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली के बवाना स्थित एक प्राइवेट स्कूल के दो शिक्षकों और एक कोचिंग सेंटर में ट्यूशन पढ़ाने वाले ट्यूटर को गिरफ्तार कर कोर्ट से 2 दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर लिया है.

स्कूल शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप ने ट्वीट कर कहा कि सीबीएसई अधिकारी के. एस राणा को पेपर लीक मामले में परीक्षा केंद्र की निगरानी में ढिलाई बरतने के चलते निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर द्वारा दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश पर बोर्ड ने के. एस राणा द्वारा परीक्षा केंद्र (0859) की निगरानी में ढिलाई पाई और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. एक औपचारिक जांच भी शुरू कर दी गई है.’’

रविवार को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दो शिक्षकों और एक ट्यूशन टीचर को पुलिस कस्टडी में भेज दिया. इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कोर्ट से तीनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेजने की मांग की थी जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया. इस मामले में पुलिस ने दिल्ली के प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वाले दो शिक्षकों ऋषभ और रोहित को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा पुलिस ने तौकीर को भी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है जो कोचिंग सेंटर में ट्यूटर है. पुलिस के मुताबिक ऋषभ और रोहित ने 12वीं का इकोनॉमिक्स का पेपर तौकीर को दिया था, जिसे तौकीर ने स्टूडेंट्स के बीच लीक कर दिया.

संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) आलोक कुमार ने बताया कि शिक्षकों को निर्धारित समय से 35 मिनट पहले सुबह करीब नौ बजकर 10 मिनट पर पेपर कथित रूप से मुहैया कराने के लिए स्कूल भी जांच के घेरे में है. इससे दोनों आरोपियों रोहित और ऋषभ को पेपर की तस्वीर खींचने और उसे तौकीर को भेजने के लिए पर्याप्त समय मिल गया. तौकीर ने बाद में पेपर छात्रों के बीच फैला दिया.

जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि तीनों लोग पिछले चार-पांच वर्षों से मित्र थे. एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने 10 व्हाट्सऐप नम्बरों के आधार पर तौकीर पर ध्यान केंद्रित किया. इन नम्बरों का इस्तेमाल लीक पेपर को फैलाने के लिए किया गया था. पुलिस ने बताया कि व्हाट्सऐप के जरिए फैलाए गए पेपर में एक लोकेशन कोड था जिसका उस प्राइवेट स्कूल को आवंटित कोड से मिलान हो गया, जहां से पेपर लीक हुआ था.

पुलिस ने बताया कि एक छात्र जिसे पेपर मिला था, उसका पता लगाया गया और उसने पुलिस को तौकीर तक पहुंचाया जिसे हिरासत में ले लिया गया. पुलिस ने बताया कि तौकीर ने अपने सहयोगियों की जानकारी साझा की, जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया. तीनों आरोपियों से पैसे के लेनदेन और इस बारे में भी पूछताछ की जाएगी कि क्या उन्होंने अन्य पेपर भी लीक किए हैं.