पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की अनुपस्थिति में केंद्र सरकार के मंत्रियों पर गोवा को चलाने का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को दावा किया कि तटवर्ती राज्य में बीजेपी की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार काम नहीं कर रही है. और वास्तव में इसका अस्तित्व नहीं है. आप के महासचिव प्रदीप पडगांवकर ने कहा कि राज्य के मंत्रियों को कुछ नहीं पता है कि क्या हो रहा है. स्थानीय मंत्री दर्शक हो चुके हैं और सारा कार्य केंद्रीय मंत्रियों के दौरे के दौरान किया जा रहा है, चाहे यह गोवा की जमीन के बारे में हो या नदी के बारे में.

पडगांवकर बीते एक महीने में केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु के दौरे का जिक्र कर रहे थे, जिसमें इन मंत्रियों ने राज्य से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय सत्तारूढ़ विधायकों से चर्चा की और कई प्रमुख घोषणाएं कीं. इसमें लौह अयस्क की खुदाई पर प्रतिबंध व गोवा के डाबोलिम अंतररार्ष्ट्रीय हवाईअड्डे से जुड़ा टैक्सी ऑपरेटरों का मुद्दा शामिल था.

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विपक्ष के साथ सिविल सोसाइटी का भी कहना है कि अस्वस्थ मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति से शासन व प्रशासन में एक ठहराव आ गया है. मुख्यमंत्री पर्रिकर का वर्तमान में न्यूयॉर्क में पैंक्रियाटिक कैंसर का इलाज चल रहा है. पर्रिकर 15 फरवरी से कार्यालय आने में असमर्थ रहे हैं. उनके पास 20 से ज्यादा मंत्रिस्तरीय पोर्टफोलियो हैं. पर्रिकर ने दिन प्रति दिन के प्रशासनिक मामलों से जुड़े निर्णय लेने के लिए तीन सदस्यीय मंत्रियों की समिति नियुक्त की है. आप ने राज्य सरकार पर प्रभावी कैसीनो लॉबी पर कैसीनो लाइसेंस शुल्क में कटौती पर नरम रुख अपनाने जबकि दूसरी तरफ जरूरी सेवाओं व सरकारी लाइसेंस प्रक्रिया शुल्क में बढ़ोतरी का आरोप लगाया है.

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पडगांवकर ने कहा, ‘आम आदमी पहले मौलिक जरूरी सुविधाओं जैसे भूमि रिकॉर्ड फार्म एक व 14, सर्वेक्षण योजनाएं, सर्वेक्षण योजनाओं के निरीक्षण व कनवर्जन शुल्क के बढ़ने से परेशान है. सरकार इन शुल्कों में कमी के बजाय कैसीनो लाइसेंस शुल्क को कम करने पर विचार कर रही है.’