बीजिंग. भारत और चीन के बीच तनातनी खत्म होते नहीं दिखाई दे रही है. गुरुवार को चीन ने दावा किया कि भारत का एक ड्रोन (UAV) उसके वायुक्षेत्र में घुस गया. इस पर चीन ने घोर आपत्ति जताई है. बता दें कि ये मामला तब सामने आया है जब 11 दिसंबर को चीन के विदेश मंत्री वांग यी भारत दौरे पर आने वाले हैं. 

चीन से युद्ध हुआ तो कैसे निपटेगी सेना? जानें 1962 के मुकाबले 2017 में कहां खड़ा है भारत

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चीन की सेना ने अपने वायु क्षेत्र में भारत के मानवरहित विमान (ड्रोन) के हाल ही में ‘अनधिकृत रूप से प्रवेश’ करने पर गुरुवार को कड़ा असंतोष और विरोध जताया. मीडिया में आई एक खबर के मुताबिक, सेना ने कहा कि ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त हो गया और चीन के सीमा बलों ने ड्रोन की पहचान और सत्यापन किया.

पश्चिमी थिएटर कमान के जॉइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के युद्ध संबंधी ब्यूरो के उप प्रमुख झांग शुइली ने कहा कि हाल ही में भारतीय ड्रोन चीन के वायु क्षेत्र में ‘अनधिकृत रूप से घुसा’ और दुर्घटनाग्रस्त हो गया. चीन के सीमा बलों ने ड्रोन की पहचान की और उसका सत्यापन किया. उन्होंने दुर्घटनास्थल की सटीक जानकारी नहीं दी. पीपल्स लिबरेशन आर्मी की पश्चिमी थिएटर कमान के अधिकार क्षेत्र में भारत के साथ लगता तिब्बत का सीमा क्षेत्र भी आता है.

चीन की सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने झांग के हवाले से कहा, ‘भारत का कदम चीन की क्षेत्रीय संप्रभुत्ता का उल्लंघन है और हम इस पर कड़ा अंसतोष और विरोध जताते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘हम अपना अभियान और अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे और चीन की राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करेंगे.’ वहीं, भारत के रक्षा मंत्रालय की ओर से अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

हाल ही में भारत-चीन-भूटान की सीमा के समीप चीनी सेना द्वारा एक सड़क के निर्माण के बाद डोकलाम में भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध पैदा हो गया था. भारत के चिकेन नेक कॉरिडोर के समीप चीनी सेना द्वारा निर्माण रोकने के बाद 73 दिन चला यह गतिरोध 28 अगस्त को समाप्त हुआ था.

11 दिसंबर को भारत आ रहे हैं चीन के विदेश मंत्री
चीन के विदेश मंत्री वांग यी 11 दिसंबर को भारत की यात्रा पर आ रहे हैं. चीन के साथ ही रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी इसी दिन भारत आ रहे हैं. तीनों देश वैश्विक, क्षेत्रीय एवं साझा हितों से जुड़े विषयों के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे. विदेश मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस यात्रा के दौरान रूस और चीन के विदेश मंत्री और भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 15वें आरआईसी (रूस, भारत, चीन) विदेश मंत्री स्तरीय बैठक में 11 दिसंबर को हिस्सा लेंगे.

बैठक में तीनों देश वैश्विक, क्षेत्रीय एवं साझा हितों से जुड़े विषयों के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने के साथ आपसी संबंधों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर सकते हैं. इस दौरान एक संयुक्त बयान भी जारी होने की उम्मीद है. रूसी विदेश मंत्री लावरोव और चीनी विदेश मंत्री वांग यी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात कर सकते हैं, साथ ही इनके बीच द्विपक्षीय बैठक होने की भी संभावना है.