मुंबई| शिवसेना ने विपक्ष द्वारा गोपाल कृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा है. शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा है कि गोपाल कृष्ण गांधी ने 1993 के मुंबई धमाकों के दोषी याकूब की फांसी रोकने के लिए पूरा प्रयास किया था और विपक्ष ने उन्हें ही उम्मीदवार बनाया है. यह विपक्ष की संकीर्ण सोच दर्शाता है.

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चुनाव में संकीर्ण और सांप्रदायिक सोच के खिलाफ वोट करने की अपील की थी.

राउत ने यह भी कहा कि “याकूब ने पाकिस्तान के साथ मिलकर आतंकी हमले को अंजाम दिया. गोपालकृष्ण ने उसी याकूब को बचाने के लिए चलाई गई मुहिम में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने फांसी की सजा रोकने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र भी लिखा था.”

राउत के बयान का उनके पार्टी के नेता और केन्द्रीय मंत्री अनंत गीते ने समर्थन किया. गीते ने कहा गोपाल कृष्ण गांधी को लेकर संजय राउत ने जो बयान दिया है वह एकदम सही है. वहीं कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा है कि गोपालकृष्ण गांधी पर सवाल उठाने से पहले शिवसेना इस बात की जानकारी दे कि उन्होंने फांसी रोकने के लिए क्या किया था.

बता दें कि 1993 में मुंबई में बम धमाके हुए थे. इन धमाकों में याकूब मेमन को फांसी की सजा सुनाई गई थी जिसका काफी विरोध भी हुआ था. देश के भीतर कई लोगों ने याकूब की फांसी के खिलाफ आवाज उठाई थी जिनमे से एक गोपालकृष्ण गांधी भी थे. उन्होंने राष्ट्रपति को खत लिखकर यह गुजारिश की थी कि याकूब की फांसी की सजा रद्द की जाए.