नई दिल्ली| बीजेपी द्वारा गवर्नर राम नाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर शुरु हो गया है. इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद ने बीजेपी के इस फैसले को एक तरफा बताया है. वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री  और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी इस फैसले से हैरान हैं.

आजाद ने कहा कि जब बीजेपी के नेता उनसे मिले थे तो उन्होंने कहा था कि वे किसी भी नाम की घोषणा करने  से पहले सभी दलों की आम सहमति लेंगे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्होंने निर्णय लेने के बाद इसकी सूचना दी. हांलाकि उन्होंने इस मामले पर और कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया है.

ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने विपक्ष के दो- तीन नेताओं से बात की है वे सभी कोविंद के नाम की घोषणा से हैरान हैं. हांलाकि उन्होंने उनके नाम का विरोध नहीं किया है.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा कि विपक्ष को रामनाथ कोविंद के खिलाफ अपना उम्मीदवार अवश्य खड़ा करना चाहिए . कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सुरावरम सुधाकर रेड्डी ने यहां बताया, कोविंद भी संघ से हैं. वह भाजपा के दलित मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं जो कि संघ परिवार का संगठन है. निश्चित रूप से हम उम्मीदवार खड़ा करेंगे. संघ से चाहे कोई भी हो हम मुकाबला करेंगे. सीपीआई नेता ने कहा कि उनकी पार्टी यह महसूस करती है कि विपक्ष को अवश्य उम्मीदवार खड़ा करना चाहिए. हमारे सहयोगियों और अन्य दलों के साथ विचार विमर्श करने के बाद इस बारे में फैसला किया जाएगा.

दूसरी तरफ एनडीए में शामिल शिवसेना ने अभी अपनी मंशा जाहिर नहीं की है. पार्टी नेता संजय राउत ने कहा अभी राष्ट्रपति पद के एनडीए उम्मीदवार राम नाथ कोविंद पर अपनी राय तय करने के लिए शिवसेना एक बैठक बुलाएगी.  इस सब के बीच बीजेपी के लिए अच्छी खबर ये है कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और युवजन श्रमिक रिथु कांग्रेस पार्टी (वाईआरएस) ने राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने की घोषणा की

बता दें सोमवार को बीजेपी की संसदीय दल की बैठक में राष्ट्रपति के उम्मीदवार के रूप में तत्कालीन बिहार गवर्नर राम नाथ कोविंद के नाम पर मुहर लग गई है. बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एनडीए की ओर से उनके नाम की घोषणा कर दी है. बैठक से पहले कई नाम इस रेस मनें आगे चल रहे थे जिनमें सुषमा स्वराज, मोहन भागवत और लाल कृष्ण आडवाणी का नाम शामिल था.

उत्तर प्रदेश के कानपुर में जन्मे कोविंद दलित समुदाय से आते हैं. वे बीजेपी से 1994 से 2000 और 2000से 2006 के बीच दो बार राज्यसभा के सांसद भी रह चुके हैं. 1998 से 2002 के बीच वे बीजेपी दलित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे. पेशे वकील और कभी बीजेपी प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी संभाल चुके कोविंद अब राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी ठोकेंगे.