मुंबई: मुंबई की एक सत्र अदालत ने आवासीय सोसायटी परिसर में लगे चार पेड़ काटने के जुर्म में एक व्यक्ति को मजिस्ट्रेट अदालत से मिली सात दिन कारावास की सजा को बरकरार रखा है. दादर की मजिस्ट्रेट अदालत ने आवासीय सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष सदाशिव काम्बले को 2014 में एक जामुन, एक नारियल, एक अमरूद और गुलमोहर का एक पेड़ काटने के जुर्म में सात दिन कैद की सजा सुनाई थी. काम्बले को सिर्फ इन पेड़ों की टहनियां काटने का अधिकार दिया गया था, लेकिन उन्होंने पेड़ कटवा दिए.

सजा के खिलाफ काम्बले की अपील ठुकराते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एम.बी. दात्ये ने कहा कि अपील खारिज की जाती है. दादर की 41वीं अदालत के मेट्रोपॉलिटन जज, के फैसले और आदेश को बरकरार रखा जाता है. मजिस्ट्रेट ने काम्बले पर 2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2014 में काम्बले ने सोसायटी के लोगों से झूठ कहा कि उन्हें पेड़ काटने की अनुमति मिल गई है, जबकि स्थानीय निकाय से उन्हें सिर्फ टहनियां काटने की मंजूरी मिली थी.

सोसायटी के एक रेजिडेंट ने मजिस्ट्रेट को बताया कि अगस्त 2014 में काम्बले ने पेड़ की टहनियों को काटने के लिए सोसायटी के लोगों को अपनी गाड़ियों को हटाने के लिए कहा था. काम्बले के मजूदरों ने पहले टहनियों को काटा फिर पेड़ को ही काट ले गए.

इस बारे में जब यहां रहने वाले लोगों ने बीएमसी से पूछताछ की तब पता चला कि बीएमसी ने उन्हें इस तरह की कोई परमिशन नहीं दी थी. वहीं एक अन्य रेजिडेंट ने बताया कि कांबले को केवल टहनियों को काटने की इजाजत मिली थी. बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि रेजिडेंट्स की शिकायत पर वह अपने सहयोगी के साथ सोसायटी पहुंचे और देखा कि चार पेड़ काट दिए गए हैं. इसके बाद हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.