अगरतलाः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चुनावी रैली के दौरान त्रिपुरा की कम्युनिस्ट सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह पार्टी लोकतंत्र में नहीं हिंसा में यकीन करती है. अगरतला के शांतिरबाजार में रैली के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी “गणतंत्र” में यकीन नहीं रखती बल्कि “गनतंत्र” में यकीन रखती है. पीएम ने कहा कि त्रिपुरा में लेफ्ट पार्टी लोकतंत्र में यकीन नहीं रखती वह हिंसा में यकीन करती है. हार के डर से लेफ्ट के कार्यकर्ता बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले कर रहे हैं.

मोदी ने कहा कि त्रिपुरा की सरकार को पिछले 25 सालों का हिसाब देना होगा. यहां के लोगों को लेफ्ट सरकार की वजह के बहुत परेशानी झेलनी पड़ी है. पीएम ने कहा कि केंद्र सरकार यहां के गरीबों के घर बनाने, बिजली पहुंचाने, गैस का चूल्हा देने के लिए पैसे देती है लेकिन वह पैसा पता नहीं कहां चला जाता है. ये लोग (कम्युनिस्ट पार्टी) कांग्रेस के साथ मिलीभगत करके बैठे थे कि हमारा तो कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है.

कांग्रेस-वाम को अलग न समझें
पीएम ने कहा कि कांग्रेस त्रिपुरा में चुनाव ही क्यों लड़ रही है? दिल्ली में दोस्ती और त्रिपुरा में विरोध का नाटक क्यों? हर जगह मिलकर लड़ते हैं और त्रिपुरा में चुनाव लड़ रहे हैं. यह तो सिर्फ वोट काटने की रणनीति है इसलिए कांग्रेस और वामदलों को अलग समझने की गलती मत करिेए. पीएम ने कहा कि आप लोग उनकी (कम्युनिस्टों की) ऐसी विदाई करो कि वे हर कोने से उखड़ जाएं.

हर काम में हल्ला करते हैं
हर काम में कम्युनिस्ट पार्टी वाले हल्ला करते हैं, न्यूनतम मजदूरी का नाटक करते हैं. मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि क्या कारण है कि त्रिपुरा में मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिलती है? क्या कम्युनिस्ट पार्टी कभी न्यूनतम मजदूरी देगी? बीजेपी की सरकार बनते ही सबसे पहले यही काम किया जाएगा. देश में सातवां वेतन आयोग है और त्रिपुरा में चौथा. सरकारी कर्मचारियों को पैसा नहीं मिलेगा तो वह भ्रष्टाचार ही करेगा ना. हमारी सरकार बनते ही हम सातवां वेतन आयोग लागू करेंगे.