अहमदाबाद| चक्रवाती तूफान ओखी धीरे-धीरे कमजोर पड़ता जा रहा है और पहले के अनुमान के मुताबिक गुजरात में सूरत तट तक उसके पहुंचने की अब संभावना नहीं है. यह जानकारी मौसम विज्ञान विभाग ने दी. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक चक्रवात ओखी ‘‘गहरे दबाव’’ के क्षेत्र में तब्दील हो चुका है और  देर रात दक्षिण गुजरात में ‘‘दबाव’’ क्षेत्र के तौर पर दस्तक दे सकता है. गहरे दबाव का क्षेत्र सूरत से 240 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में स्थित है.

गुजरात तट के करीब पहुंचा ओखी तूफान, कई रैलियां रद्द, महाराष्ट्र तक असर

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इससे पहले मौसम विभाग की तरफ से जारी बुलेटिन में बताया गया था, ‘‘इसके धीरे धीरे कमजोर होने का अनुमान है और पांच दिसंबर की रात तक यह सूरत के पास दक्षिण गुजरात और पड़ोसी महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों से गुजर सकता है.’’ प्रदेश के राजस्व विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार के अनुसार कम से कम नौ जिलों में सुबह से हल्की बारिश हुई है.

मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में बारिश थम गई है. वहां मंगलवार को दिन भर बारिश हुई. वहीं, जल संसाधन मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा के प्राधिकारों से अगले तीन दिन तटीय क्षेत्रों में ‘‘पर्याप्त निगरानी’’ रखने को कहा.

गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की तारीख नजदीक आ गई है, लेकिन उससे पहले ओखी के चलते चुनावी रैलियां रद्द की गई है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भावनगर में अपनी रैलियों को रद्द करना पड़ा है. वहीं, चुनाव आयोग ने साफ किया कि ओखी चक्रवात की वजह से चुनाव की तारीखों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.