उत्तराखंड की नवगठित सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत की तत्परता ने एक महिला की इज्जत दागदार होने से बचा गई। पंत से मिले निर्देश पर पुलिस ने सक्रियता दिखायी और मामले के चारों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ. का रहने वाला एक दंपति सूचना के अधिकार के एक मामले में सोमवार को होने वाली सुनवाई के लिये एक दिन पहले रविवार को यहां पहुंचा । सूचना भवन पहुंचने पर उन्हें वहां दो कर्मचारी मिले जिन्होंने उन्हें रात में वहीं रूक जाने को कहा ।

रात के खाने के बाद वहां मौजूद दोनों कर्मचारियों ने अपने दो और साथियों को भी वहीं बुला लिया। देर रात करीब 11 बजे चारों ने कथित तौर पर महिला से छेड.खानी और अश्लील हरकतें करनी शुरू कर दीं जिसका विरोध करने पर उन्होंने दंपति की पिटाई कर दी। किसी तरह से छुपते-छुपाते महिला के पति ने मंत्री पंत को फोन पर अपने साथ हो रही घटना के बारे में जानकारी दी । पंत ने देहरादून की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल को तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिये जिस पर उन्होंने एक पुलिस टीम को मौके पर जाने को कहा । पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दंपति को छुड़ाया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

रायपुर क्षेत्र के पुलिस थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि चारों आरोपियों की पहचान जगमोहन सिंह चौहान, अनिल रावत, जगदीश सिंह और हरि सिंह पेटवाल के रूप में की गयी है। उन्होंने कहा कि चारों को गिरफ्तार करने के बाद कल जेल भेज दिया गया । महिला के पति की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 354ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में से तीन, चौहान, पटवाल और रावत सूचना भवन के ही कर्मचारी हैं जबकि एक अन्य जगदीश कार्यालय के बाहर चाय की ठेली लगाता था।