‘दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर लगा था रेप का आरोप। 1987 में जब वो आईआईटी खडगपुर में पढ़ाई कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में उन्हें हिरासत में भी लिया था।’ कुछ ऐसा ही मैसेज वाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर खूब फैलाया जा रहा है। इस मैसेज में द टेलीग्राफ अखबार की एक पुरानी पेपर कटिंग के हवाले से कहा जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल रेप के आरोपी हैं। उनपर 1987 में आईआईटी के दिनों में एक लड़की से रेप करने का इल्ज़ाम लगा था। क्या है इस मैसेज की हकीकत? सारी बातें स्पष्ट करेंगे लेकिन पहले पढ़िए कि आखिर द टेलीग्राफ की उस कटिंग में लिखा क्या है?

8 जून 1987 के खबर का शीर्षक है… ‘IIT student accused of rape’. इस रिपोर्ट में लिखा है कि आईआईटी के एक 19 साल के लड़के ने एक स्थानीय लड़की के साथ रेप किया। रिपोर्ट में आगे लिखा है कि छात्र को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। जब पुलिस उसको गिरफ्तार करने आई तो वो हॉस्टल के एक कमरे में छिप रहा था। रिपोर्ट के दूसरे पैराग्राफ में आरोपी छात्र का नाम अरविंद केजरीवाल लिखा गया है। [यह भी पढ़ेंः ‘नरेंद्र मोदी ने 18 साल की उम्र में सन्यास नहीं लिया बल्कि चोरी करने पर उन्हें घर से निकाल दिया गया था’, क्या है सच्चाई…?]

फैलाई जा रही रिपोर्ट में आगे लिखा है कि यह घटना उस वक्त हुई जब लड़के वीकेंड मनाने बाहर गए थे। एक ओर जहाँ सभी शनिवार को वापस लौट आए वहीं अरविंद रविवार की रात वापस लौटे। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब लड़की ने गोपालनगर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। लड़की ने आरोपी का पहचान पत्र भी पुलिस को सौंपा जिसमें अरविंद केजरीवाल लिखा हुआ था। [यह भी पढ़ेंः रियलिटी चेकः क्या एक साधारण नागरिक 1 रुपए देकर कर सकता है भारतीय सेना की मदद?]

पेपर की कटिंग
पेपर की कटिंग

हमारा मानना है कि वाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फैलाया जा रहा ये मैसेज पूरी तरह अफवाह है। द टेलीग्राफ की जिस खबर का उल्लेख किया जा रहा है वो किसी पत्रकार की लिखी हुई नहीं लगती। अब इतना तो सभी जानते हैं 1984-1989 के बीच में अरविंद आईआईटी खड़गपुर में थे। बस उसी का फायदा उठाकर कहानी गढ़ी गई है और अरविंद को बदनाम करने की कोशिश की गई है। लेकिन इतनी संवेदनशील बात को बिना किसी पुख्ता प्रमाण के जाने शेयर कर रहे हैं। तो अगर आपके पास भी ऐसा अफवाह वाला मैसेज मिले तो उसे आगे भेजने की बजाए फौरान डिलीट कर देना चाहिए।