नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश की राजधानी दिल्‍ली से मुंबई की दूरी कम करने के लिए एनसीआर के गुरुग्राम से मुंबई तक जल्‍द ही एक एक्‍सप्रेस-वे बनाने जा रही है. इससे इन शहरों की बीच की दूरी तो घटेगी ही और यात्रा में लगने वाले समय में बेहद कमी आएगी. एक लाख करोड़ रुपए की लागत वाले इस एक्‍सप्रेस-वे को सरकार इतनी जल्‍द बनना चाहती है कि तीन साल में इस पर आवाजाही शुरू की जा सके. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इस एक्सप्रेस वे की कुल लागत करीब एक लाख करोड़ रुपए आएगी और इसे तीन साल में तैयार करने का टारगेट है. इस एक्‍सप्रेस वे बनने से सड़क मार्ग से दिल्‍ली से मुंबई की दूरी में 200 किलोमीटर की कमी हो जाएगी और यात्रा में लगने वाले 24 घंटे की 12 घंटे लगेंगे.

दिल्‍ली से मुंबई की वर्तमान में सड़क मार्ग से दूरी 1,450 से घटकर 12,50 किलोमीटर

ट्रेन से भी जल्दी कार से पहुंचेंगे मुंबई
एक्सप्रेस वे बनने से गुरुग्राम और मुंबई के बीच की दूरी 1450 किलोमीटर से घटकर 1250 हो जाएगी. 200 किलोमीटर की कमी हो जाएगी. इससे यात्री सिर्फ 12 घंटे में ही मुंबई पहुंच जाएगा. वर्तमान में सड़क मार्ग से दिल्ली से मुंबई जाने में लगभ 24 घंटे का समय लगता है, जबकि दिल्ली से मुंबई के बीच सबसे जल्दी पहुंचाने वाली मुंबई राजधानी भी लगभग 16 घंटे लेती है और अन्‍य ट्रेनें 17 से 32 घंटे तक का वक्‍त लेती हैं. इस एक्सप्रेस वे के बन जाने पर जो ट्रेन की यात्रा से भी कम समय सड़क मार्ग में लगेगा.

इस साल के अंत में शुरू होगा काम
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि एक्‍सप्रेस वे का काम दिसंबर में शुरू होगा और तीन साल में पूरा हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे के वडोदरा-सूरत के बीच के रूट के लिए टेंडर दे दिया गया है. कुछ दिनों में सूरत-मुंबई तक के रास्ते के लिए भी टेंडर निकाला जाएगा. गडकरी ने कहा कि, इस एक्सप्रेस वे के बनने से राजस्थान, एमपी और हरियाणा के कई पिछड़े जिलों को विकास का मौका मिलेगा और वहां की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा. औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास के कारण रोजगार भी बढ़ेगा. हम अब पुराने हाईवे को ही आगे बढ़ाने की जगह नए इलाकों में हाईवे निर्माण करने पर काम कर रहे हैं.

कई क्षेत्रों और शहरों को जोड़ेगा एक्‍सप्रेस-वे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे चंबल हाईवे से जुड़ने के साथ ही जयपुर, कोट, सवाई माधोपुर, उज्जैन, गोधरा और अहमदाबाद जैसे कई दर्जन क्षेत्रों को जोड़ेगा. इसके साथ ही गुरुग्राम-वडोदरा खंड के साथ हाई स्पीड रेल गलियारे के लिए प्रावधान करने का भी प्रस्ताव है.

भूमि अधिग्रहण में कम आएगा खर्च
एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य एक साथ 40 स्थानों पर शुरू होगा. इससे इसका निर्माण जल्द हो सकेगा और से शीघ्र ही एक्‍सप्रेस-वे पर आवाजाही शुरू की जा सकेगी. ये सड़क चूंकि पिछड़े व कम विकसित क्षेत्रों से भी गुजरेगी इसलिए भूमि अधिग्रहण के लिए भी खर्चा कम होगा. गुरुग्राम-वडोदरा खंड के लिए भूमि अधिग्रहण पर करीब 5 से 6 हजार करोड़ का खर्चा आया है. ये कीमत दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस वे के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण की कीमत का सिर्फ एक तिहाई है.