मुंबई. 13 हजार करोड़ के पीएनबी फ्रॉड के आरोपी नीरव मोदी को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं. डीएनए ने एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पता लगाया है कि 546 अमीर लोगों ने अपने बेहिसाब पैसे का उपयोग नीरव मोदी के स्टोर से जेवरात खरीदने में किया है. इसमें 80 फीसदी लोगों ने अपने पैन कार्ड की जानकारी नहीं दी है. इसे लेकर आयकर विभाग की एक लिस्ट डीएनए के हाथ लगी है. इसमें बिजनेस, राजनीति और मीडिया से जुड़े लोगों के अलावा नीरव मोदी के रिश्तेदारों के नाम भी शामिल हैं.

इस लिस्ट में टॉप पर कर्नाटक के दावणगेरे का एक खरीदार है. उसने 12.85 करोड़ रुपये के जेवरात कैश में खरीदे. इसके बाद दूसरे नंबर पर गोवा के एक इंडस्ट्रलिस्ट का नाम आता है. उन्होंने 12.10 करोड़ रुपये की ज्वेलरी खरीदी. बता दें कि भगोड़ा व्यापारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी भारत के दूसरे सबसे बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक से धोखाधड़ी करने के आरोपी हैं.

17 पेज की रिपोर्ट
आयकर विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, ये लिस्ट 17 पेज की है. इसमें नीरव के बड़े खरीदारों का नाम है, जिसमें एकाउंटेड और अनएकाउंटेड दोनों हैं. ये ट्रांजेक्शन पिछले सात साल में 2010 से 2017 के बीच हुए हैं. इसमें 427 ट्रांजेक्शन में पैन नंबर का जिक्र नहीं है. बता दें कि आयकर विभाग ने ये लिस्ट नीरव मोदी के ठिकानों पर छापेमारी के बाद मिले डाक्युमेंट्स के आधार पर तैयार की है. इस मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें कुछ बैंकर भी शामिल हैं. हालांकि, नीरव मोदी और चौकसी के ठिकानों के बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिली है. ऐजेंसियां उनकी तलाश कर रही है.

7 साल में हुआ ट्रांजेक्शन
इस लिस्ट में साफ तौर पर दिख रहा है कि साल 2010 के बाद से किस तरह से खरीदारों की संख्या बढ़ी है. नोटबंदी के पहले के वित्तीय वर्ष 2015-16 में इसकी संख्या जो 86 से 340 पहुंच गई. यह 300 फीसदी थी. एक अधिकारी के मुताबिक, साल 2016 में पैन के रुल बदले गए थे. इसके बाद से दो लाख या इससे ज्यादा की ज्वेलरी खरीद पर पैन नंबर देने को अनिवार्य कर दिया गया था. हालांकि, आयकर विभाग ने अब इन सभी खरीदारों से पैसे के सोर्स के बारे में जानकारी मांगी है. हालांकि, इसमें बिजनेसमैन, मीडिया, पॉलिटिक्स और नीरव के रिश्तेदार शामिल हैं. इनमें से ज्यादातर को आयकर विभाग ने नोटिस भेजा है.