नई दिल्ली। डीएनए अखबार ने अपने मुंबई एडिशन को लेकर अनोखा प्रयोग किया है. अखबार ने ऐसा विज्ञापन रिलीज किया है जिसके जरिए रीडर ऑगमेंटेड रियलिटी के जरिए इमेज को भी लाइव महसूस कर सकता है. अखबार के इस रचनात्मक प्रयोग से रीडर्स को डीएनए ऑगमेंटेड रियलिटी एप के जरिए कंटेंट को नए अवतार में देखने को मिलेगा.

विज्ञापनदाताओं को लुभाएगा

इसके साथ ही ये विज्ञापनदाताओं को भी अपनी ओर आकर्षित करेगा कि वह इस तकनीक का इस्तेमाल कर अपने टारगेट ऑडियंस तक प्रभावी तरीके से पहुंच सके. इस नई तकनीक को इसके मुरीद भी मिल रहे हैं. पिछले साल अमेरिका में हुए एक वाइब्रेंट मीडिया पोल में पाया गया कि 80 फीसदी लोगों ने पाया कि ये तकनीक बहुत या काफी हद तक विज्ञापन देखने पर मजबूर कर देने वाली तकनीक है, इसीलिए ये पाठकों को ज्यादा इंगेज भी रखता है.

वेरीजॉन की स्वामित्व वाली कंपनी ओथ जिसके ब्रांड में एओएल और याहू शामिल है, उसने भी इसी तरह की ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) एड फॉर्मेट का इस्तेमाल किया है.

डीएनए के सीईओ संजीव गर्ग ने कहा कि हम हमेशा से एक नवाचार संचालित संगठन रहे हैं जो अपने पाठकों और विज्ञापनदाताओं की खातिर लगातार प्रयासरत रहता है. प्रिंट और डिजिटल को एक साथ मिलाने की सोच एक लंबे समयावधि वाली रणनीति रही है ताकि हम नए वक्त के ग्राहकों और अपने साझीदारों के बीच के अंतर को पाट सकें.