नई दिल्ली: 1 अप्रैल 2018 से ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनाने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी. लर्निंग डीएल, नया डीएल, डीएल के नवीनीकरण, नाम पता बदलने के लिए अब अलग-अलग पांच फॉर्म नहीं भरने पड़ेंगे. इस काम के लिए अब सिर्फ एक ही फॉर्म भरना होगा. यह फॉर्म आपको आसानी से ऑनलाइन मिल जाएगा.

डीएल प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन किया है. सभी राज्यों मे डीएल बनवाने के लिए नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे. सभी संभागीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में आवेदकों को 1 अप्रैल से डीएल का ये नया फॉर्म ही भरना पड़ेगा.

आधार कार्ड में चेंज करवाना है मोबाइल नंबर, तो ये स्टेप्स करें फाॅलो

यह नई व्यवस्था केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने लागू की है. मंत्रालय ने बीते दिनों केंद्रीय मोटरयान नियम में संशोधन करने के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. संभागीय परिवहन अधिकारी संजय नाथ झा ने बताया कि डीएल के नए फॉर्म को लागू करने के लिए संभागीय परिवहन अधिकारियों को आदेश दे दिया गया है. इस फॉर्म को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिया जाएगा. नई व्यवस्था से आवेदकों को डीएल बनवाने के लिए बार-बार नया फॉर्म नहीं भरना नहीं होगा.

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में राज्यों के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में लर्निंग डीएल बनाया जाता है. एक निश्चित अवधि के बाद स्थानीय डीएल पाने के लिए आवेदनकर्ता को नया फॉर्म भरना पड़ता है. इसी प्रकार डीएल के नवीनीकरण, मोटरसाइकिल-स्कूटर के कार का लाइसेंस बनाना, पता बदलने, डीएल के नाम बदलने, डुप्लीकेट डीएल बनाने के लिए हर बार फॉर्म भरना पड़ता है. अब मोटर वाहन अधिनियम  1989 में बदलाव किया गया है.

नए कानून में अधिनियम के रूल 10,14 (1), 17 (1) और 18 को समाप्त कर दिया गया है. इसके स्थान पर नया फार्म-2 लागू होगा.  सभी कार्यों के लिए आवेदनकर्ता को सिर्फ फॉर्म 2 ही भरना होगा.  इस फॉर्म में कुछ नए काॅलम भी दिए गए हैं.  इसमें आवेदनकर्ता को अपना आधार नंबर, ईमेल और मोबाइल नंबर लिखना होगा.