नई दिल्ली: दुबई में 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले के आरोप में एक कोर्ट ने दो भारतीयों को 517 साल कैद की सजा सुनाई है. 37 साल के सिडनी लिमोस और लिमोस के अकाउंट स्पेशलिस्ट रियान डिसूजा को कोर्ट ने 517 साल कैद की सजा सुनाई है. ये दोनों भारत में गोवा के रहने वाले हैं. इसके अलावा लिमोस की पत्नी वैलनी को भी कोर्ट ने 517 साल कैद की सजा सुनाई है हालांकि खबरों के मुताबिक वैलनी अभी फरार है और पुलिस को उसकी तलाश है. इन तीनों के खिलाफ 515 केस दर्ज किए गए थे और कोर्ट ने अपने फैसले में 513 केस के हिसाब से हर केस के लिए एक साल की कैद और बाकी बचे 2 केस पर दो-दो साल कैद की सजा सुनाई है.

क्या है आरोप?

इस मामले में पहली सुनवाई पिछले साल 25 दिसंबर को शुरू हुई थी और रविवार को सजा का ऐलान के साथ ही केस खत्म हो गया. गल्फ न्यूज में छपी खबर के अनुसार सिडनी लिमोस ने अपनी एक कंपनी बनाई थी और फिर कंपनी में निवेश करने वाले निवेशकों को उसने न्यूनतम 25 हजार डॉलर के निवेश पर 120 प्रतिशत तक का सालाना रिटर्न देने का वादा किया था.

लिमोस की कंपनी ने शुरूआत में लोगों को रिटर्न भी दिया लेकिन मार्च 2016 के बाद से उसने अपने निवेशकों को रिटर्न देना बंद कर दिया. इस फर्जीवाड़े का पता चलते ही दुबई के आर्थिक विभाग ने लिमोस की कंपनी को बंद कर दिया था.

पत्नी को भी सजा

लिमोस की पत्नी को भी इस मामले में सजा सुनाई गई है. लिमोस की पत्नी पर आरोप है कि उसने लिमोस के सील किए गए ऑफिस में गैरकानूनी तरीके से घुसकर वहां से जरूरी डॉक्यूमेंट चुराए हैं. पिछले साल दिसंबर में इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद लिमोस को उसी समय गिरफ्तार किया गया था हालांकि बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था. इसके बाद लिमोस को फिर से जनवरी में गिरफ्तार किया गया था.

गोवा के सजोलिम के रहने वाले रियान को फरवरी में दुबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में इन तीनों को सजा मिलने के बाद दुबई के आर्थिक विभाग के वकील ने कहा कि इस फैसले से संदेश साफ है कि दुबई आर्थिक अपराध को हल्के में नहीं लेगा.