नई दिल्ली. कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीख ‘लीक’ होने पर निर्वाचन आयोग (EC) द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट आ गई है. इसमें कहा गया है कि निर्वाचन आयोग से पहले सोशल मीडिया पर चुनाव की तारीख ‘लीक’ नहीं हुई थी, महज अनुमान लगाया गया था. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक निर्वाचन आयोग की जांच कमेटी ने कहा है कि कर्नाटक चुनाव की तारीख के बारे में सबसे पहले टीवी चैनलों पर कहा गया. इसके बाद भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय और कर्नाटक कांग्रेस के नेता श्रीवत्स ने इन्हीं टीवी चैनलों के आधार पर चुनाव की तारीख से संबधित ट्वीट किया था.

कमेटी ने शुक्रवार को सौंपी जांच रिपोर्ट
चुनाव की तिथि ‘लीक’ होने की जांच करने को गठित इस कमेटी ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपी. इसमें कहा गया है कि कर्नाटक चुनाव की घोषणा से पहले प्रोटोकॉल के तहत सभी नियमों का पालन किया गया था, इसलिए किसी तरह के ‘लीक’ की कोई आशंका नहीं थी. कमेटी के अध्यक्ष वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त ने कहा, ‘कमेटी ने अपनी जांच में पाया है कि चुनाव की तारीख और चुनावी कार्यक्रम की घोषणा से संबंधित सभी निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया गया. इसलिए चुनाव की तिथि के लीक होने की कोई संभावना नहीं थी.’ आयोग से पहले तारीखों की घोषणा पर उन्होंने कहा कि मीडिया को इस संदर्भ में और अधिक उत्तरदायी होना पड़ेगा.

मालवीय, श्रीवत्स और चैनलों की हुई जांच
निर्वाचन आयोग की जांच कमेटी ने चुनाव के तारीखों की जांच के संदर्भ में भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय, कांग्रेस नेता श्रीवत्स और टीवी चैनलों के जवाब का अध्ययन किया. इस जांच प्रक्रिया में कर्नाटक पुलिस भी कमेटी की मदद कर रही थी. कमेटी ने अपनी जांच के आधार पर यह निष्कर्ष दिया है कि एक नेशनल टीवी चैनल के ब्रेकिंग न्यूज के आधार पर ही कर्नाटक के टीवी चैनलों और श्रीवत्स ने चुनाव की तारीख संबंधी ट्वीट किए थे. जांच कमेटी ने कहा है कि तारीखों के लीक होने का मामला सही नहीं है. जनता के सामने कर्नाटक चुनाव की तारीख की घोषणा पहली बार 27 मार्च को सुबह 11 बजकर 6 मिनट पर ही की गई.