नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. चुनाव आयोग ने लालू की पार्टी आरजेडी के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए मान्यता निलंबित करने की चेतावनी दी है. चुनाव आयोग की ओर से बिहार की मुख्य विपक्षी दल को वित्तीय वर्ष 2014-15 की अब तक पार्टी की ऑडिट रिपोर्ट नहीं देने के कारण पार्टी की मान्यता निलंबित करने की चेतावनी दी गई है.

आयोग द्वारा गत 13 अप्रैल को इस मामले में जारी नोटिस के मुताबिक आरजेडी की ओर से अगले महीने के शुरू तक ऑडिट रिपोर्ट नहीं देने पर पार्टी की मान्यता निलंबित करने की चेतावनी दी गई है. नियमानुसार प्रत्येक राजनीतिक दल के लिए हर साल 31 अक्तूबर तक पार्टी की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य है. आयोग द्वारा पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के नाम जारी नोटिस में कहा गया है कि राजद ने साल 2014-15 की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट अब तक नहीं दी है. इसकी अंतिम तिथि 31 अक्तूबर 2015 थी.

इस अधार पर आयोग ने राजद प्रमुख को जारी कारण बताओ नोटिस में कहा है कि क्यों न उनकी पार्टी के खिलाफ चुनाव चिन्ह ( आरक्षण एवं आवंटन ) आदेश 1968 के पेराग्राफ 16 ए के तहत कार्रवाई की जाये. उल्लेखनीय है कि इसके उल्लंघन में आयोग किसी भी मान्यता प्राप्त दल की मान्यता को निलंबित करने के लिये अधिकार सम्पन्न है. उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार सभी राजनीतिक दलों को तय समयसीमा के भीतर चुनाव आयोग को अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य है. देश में सात राष्ट्रीय दलों सहित 49 राज्यस्तरीय मान्यता प्राप्त दल हैं.

कुछ दिन पहले ही बिहार सरकार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के आवास की सुरक्षा कम कर दी थी. हालांकि बाद में राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेटर लिख सुरक्षा घटाने का मुद्दा उठाया था. उन्होंने लिखा था कि अगर उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य को कुछ होता है तो इसके लिए गृह मंत्रालय जिम्मेदार होगा. गौरतलब है कि बिहार का गृह मंत्रालय नीतीश के पास है. लेटर लिखने के अगले ही दिन राबड़ी और उनके परिवार की सुरक्षा में तैनात वापस लिए गए जवानों को फिर से तैनात कर दिया गया था.