नई दिल्ली| केंद्र सरकार ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों और वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों के वेतन वृद्धि को लेकर बुधवार को कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए. सरकार ने इस फैसले में शिक्षकों को दिवाली से पहले सातवें वेतन आयोग का तोहफा दिया है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का 43 केंद्रीय विश्वविद्यालयों और सरकारी सहायता पाने वाले विश्वविद्यालयों के 7.51 लाख शिक्षकों को लाभ मिलेगा. कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है.


शिक्षकों को सातवे वेतन का लाभ 1 जनवरी 2016 मिलेगा. जावड़ेकर ने कहा कि कैबिनेट के फैसले से केंद्र सरकार की सहायता प्राप्त 213 संस्थानों, 329 राज्य संस्थानों और 12,912 कॉलेजों को भी फायदा होगा. उन्होंने कहा कि कैबिनेट के फैसले का फायदा IIT, IIM, NIIT जैसे 119 संस्थानों को भी फायदा मिलेगा.

जावड़ेकर ने बताया कि शिक्षकों के वेतन में अलग-अलग श्रेणियों में 22 प्रतिशत से लेकर 28 प्रतिशत के बीच यानी 10 हजार से 50 हजार रुपये तक की बढ़ोत्तरी हुई है. उन्होंने बताया कि केंद्रीय संस्थानों के शिक्षकों की वेतन वृद्धि से केंद्र पर सालाना 1,400 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा जबकि राज्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों की वेतन वृद्धि पर सालाना 8,400 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा.

दिल्ली के शास्त्री भवन में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के साथ ही पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद रहे. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत अपने कार्यबल के कौशल विकास पर जोर देने के साथ अन्य देशों को कुशल कार्यबल मुहैया कराने पर ध्यान दे रहा है. वहीं, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अगले तीन साल में एक लाख भारतीय युवाओं को जापान में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा.