नई दिल्ली: इस समय हर छोटे बड़े फिल्म मेकर अपनी शॉर्ट फिल्म्स के साथ बाजार में आ रहे हैं. भारत में अनुराग कश्यप, सुजोय घोष, मनोज बाजपेयी और मधुर भंडारकर जैसे लोगों ने शॉर्ट फिल्म के महत्त्व को और भी बढ़ा दिया है. शॉर्ट फिल्म हर उस छोटे- बड़े फिल्म-मेकर, एक्टर, एक्ट्रेस, डायरेक्टर, सिनेमेटोग्राफर और एडिटर की मदद करता है जो लगातार इस क्षेत्र में अपने सपने संजोने में लगे हुए हैं. इसी के साथ-साथ फिल्म फेस्टिवल का कल्चर भी बढ़ता जा रहा है, बड़े-बड़े शहरों में लगातार फिल्म फेस्टिवल आयोजित किए जा रहे हैं. इससे नए टैलेंट को प्रोत्साहन मिल रहा है.

विचित्रा फिल्म्स राष्ट्रीय स्तर पर ‘रानी लक्ष्मी बाई फिल्म फेस्टिवल झांसी 2018’ का आयोजन कर रही है. साथ ही देश में कई राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स को आयोजित करवाने में मुख्य भूमिका निभाने वाली संस्था ‘कोन्फ़्लुएन्स इंडिया’ इस फेस्टिवल की इवेंट पार्टनर की भूमिका में है. ये फिल्म फेस्टिवल दुनिया के उन चुनिंदा फिल्म फेस्टिवल्स में एक से है जो म्यूजिक विडियो और वेब सीरीज की एंट्रीज़ को भी ग्रहण कर रहा है. फेस्टिवल के डायरेक्टर सत्या सिंह और प्रियंका पाठक खुद सम्मानित और कई पुरस्कार प्राप्त फिल्म मेकर हैं.  फेस्टिवल में नए कलाकारों को तवज्जो दे, देश में इस कला का विस्तार करना फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य हैं .

Rani Lakshmi Bai Film Festival 2018

फेस्टिवल के डायरेक्टर सत्या सिंघ ने बताया कि फेस्टिवल में हम शॉर्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री, म्यूजिक विडियो और वेब सीरीज इन सभी को प्रतियोगिता के लिए देशभर से आमंत्रित कर रहे हैं.प्रतियोगिता में एंट्री भेजने के लिए 30 अप्रैल 2018 अर्ली बर्ड डेडलाइन हैं.

फेस्टिवल की डायरेक्टर प्रियंका पाठक बताती हैं कि फेस्टिवल का आयोजन 18 अगस्त 2018 को ऐतिहासिक शहर झांसी में होना हैं, ये फेस्टिवल एक तरह से रानी लक्ष्मी बाई को श्रद्धांजलि भी है. आज यूट्यूब के जरिए लगभग हर एक युवा कोई न कोई वीडियो बना रहा है.हमारा फेस्टिवल प्रोफेशनल फिल्म मेकर्स के साथ-साथ ऐसे ही युवाओं के लिए एक मंच भी है ताकि भारत से लाखों की संख्या में नए फिल्म मेकर्स निकले और विश्व में अपनी एक नई पहचान बनाए.

रानी लक्ष्मी बाई फिल्म फेस्टिवल में 30 मिनट से कम की कोई भी शॉर्ट फिल्म, 45 मिनट से कम की कोई भी डॉक्यूमेंट्री प्रतियोगिता का हिस्सा बन सकती है. इसके अलावा म्यूजिक वीडियो और वेब सीरीज के लिए प्रतियोगिता में कोई भी शर्त नहीं रखी गई हैं. कोन्फ़्लुएन्स इंडिया के प्रमुख राहुल खंडालकर कहते हैं कि देश में कई बेहतरीन फिल्में और उनके साथ करोड़ों कलाकार सामने आ रहे हैं. ऐसे में विश्व स्तर के फिल्म फेस्टिवल की देश में भी जरूरत हैं जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक मानक बन सके.