नई दिल्ली. कैंब्रिज एनालिटिका के डाटा लीक प्रकरण से दुनियाभर में छीछालेदर के बाद फेसबुक ने फैक्ट चेक सिस्टम शुरू कर दिया है. इसके तहत विश्व के इस सबसे बड़े सोशल मीडिया साइट पर फर्जी फोटो, वीडियो और खबरों की जांच की जाएगी. फेसबुक के अनुसार ये कवायद ‘फेक-न्यूज’ यानी फर्जी खबरों को वेबसाइट के जरिए प्रसारित होने से रोकने के लिए की जा रही है. आपको बता दें कि कैंब्रिज एनालिटिका पर आरोप लगा है कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव के दौरान फेसबुक के 5 करोड़ यूजर्स के डाटा का अवैध रूप से इस्तेमाल किया था.

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समाचार एजेंसी के साथ मिलकर शुरू किया गया सिस्टम
फेसबुक की प्रोडक्ट मैनेजर टेसा लेयांस ने मीडिया को बताया कि कंपनी ने फर्जी फोटो और वीडियो के ‘फैक्ट चेक’ सिस्टम की शुरुआत फ्रांस से की है. इसमें कंपनी का सहयोग समाचार एजेंसी एएफपी कर रही है. फेसबुक के अनुसार जल्द ही दुनिया के अन्य देशों की संस्थाओं के साथ भी कंपनी इस तरह का करार करेगी. हालांकि लेयांस ने यह नहीं बताया कि फेसबुक या एएफपी किस तरह की या कैसी तस्वीरों या वीडियो की इस ‘फैक्ट चेक’ प्रोग्राम के तहत जांच करेगी. आजकल जिस तादाद में फर्जी खबरें, फोटो या वीडियो सोशल साइट्स पर डाले जा रहे हैं, उनकी तादाद को लेकर फेसबुक का यह ‘फैक्ट चेक’ सिस्टम कैसे काम करेगा, इसको लेकर भी लेयांस ने कुछ नहीं कहा. लेयांस ने बस इतना कहा, ‘यह प्रोजेक्ट हमारी ‘चुनावों के दौरान गलत सामग्री का प्रसार रोकने’ के अभियान का हिस्सा है.’

यूजर्स का डाटा सुरक्षित रखने को किया था नियमों में बदलाव
कैंब्रिज एनालिटिका के डाटा चोरी प्रकरण के सुर्खियों में आने के बाद फेसबुक के इस्तेमाल को लेकर दुनिया के कई देशों में बहस शुरू हो गई थी. इस दौरान #डिलीटफेसबुक हैशटैग भी काफी चर्चाओं में रहा था. हालांकि मामले के खुलासे के तुरंत बाद ही कैंब्रिज एनालिटिका के सीईओ को उनके पद से हटा दिया गया था. वहीं, फेसबुक के मुखिया मार्क जुकरबर्ग ने भी अखबारों में विज्ञापन देकर और एक पोस्ट डालकर लोगों से माफी मांग ली थी. इसके बाद ही फेसबुक ने यूजर्स का डाटा सुरक्षित रखने के लिए अपनी साइट पर व्यापक सुरक्षा नीति अपनाने की बात कही थी. साथ ही कहा था कि उसने निजता संबंधी प्रावधानों में बदलाव किया है, ताकि सोशल मीडिया वेबसाइट के यूजर्स अपनी जानकारी पर नियंत्रण रख सकें.

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डाटा डाउनलोड और डिलीट करने की सुविधा
फेसबुक ने नियमों में बदलाव करने के तहत यूजर्स को सेटिंग तक ज्यादा आराम से पहुंचने, आसान सर्च और फेसबुक द्वारा जुटाए गए निजी डाटा को डाउनलोड व डिलीट करने की सुविधा की है. नया ‘प्राइवेसी’ शॉर्टकर्ट मेनू यूजर्स को अपने एकाउंट की सुरक्षा शीघ्रता से बढ़ाने, सूचना देख सकने वालों और साइट के क्रियाकलाप को लेकर व्यवस्था करने और विज्ञापनों पर नियंत्रण करने की अनुमति देगा. नियमों में बदलाव की जानकारी देते हुए फेसबुक के चीफ सेक्रेसी ऑफिसर ने अपने एक पोस्ट में यह जानकारी दी थी कि हमें लोगों को ध्यान में रखते हुए और अतिरिक्त सुरक्षात्मक कदम उठाने होंगे.