नई दिल्ली. डाटा लीक प्रकरण में नाम उछलने के बाद फेसबुक ने अपने यूजर्स के डाटा सुरक्षित रखने को बड़ा फैसला लिया है. फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने अपने एक पोस्ट में कहा है कि अब चुनाव संबंधी प्रचार के लिए फेसबुक का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. जुकरबर्ग का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि वे अब से कुछ ही दिनों बाद अमेरिकी कांग्रेस के सामने डाटा लीक प्रकरण में अपना पक्ष रखने को पेश होने वाले हैं. जुकरबर्ग ने अपने पोस्ट में कहा है, ‘अगले साल अमेरिका, मेक्सिको, ब्राजील, भारत और पाकिस्तान समेत कई देशों में चुनाव होने वाले हैं. इस दौरान मेरी प्राथमिकता रहेगी कि चुनावों में सिर्फ सकारात्मक बातों या बहसों के लिए ही फेसबुक का इस्तेमाल हो. 2016 के अमेरिकी चुनावों में रूसी दखलंदाजी की खबरों के बाद हमने 2017 के फ्रांस, जर्मनी और अल्बामा के चुनावों में ‘एआई’ टूल्स लॉन्च किया था. इससे हजारों फर्जी अकाउंट्स हटाए जा सके. अब और भी कड़े कदम उठाने की जरूरत है.’

सिर्फ वेरिफाइड यूजर्स ही कर सकेंगे इस्तेमाल
मार्क जुकरबर्ग ने अपने लंबे पोस्ट में यह बात स्पष्ट रूप से कही है कि चुनावों के दौरान अब कोई भी शख्स फेसबुक का इस्तेमाल प्रचार के लिए नहीं कर सकेगा. जुकरबर्ग ने कहा है, ‘ऐसा कोई भी व्यक्ति जो चुनाव संबंधी किसी भी बात के प्रचार के लिए फेसबुक का इस्तेमाल करना चाहेगा, उसे अपने अकाउंट को वेरिफाई कराना पड़ेगा. वेरिफिकेशन प्रक्रिया के तहत यूजर को अपनी पहचान और लोकेशन बतानी होगी. हम फेसबुक पर यूजर्स को यह भी बताएंगे कि किसी खास राजनीतिक विचारधारा के प्रचार के लिए फेसबुक को भुगतान किया गया है या नहीं. इसके लिए हम प्रचार पर ‘लेवल’ भी लगाएंगे. इस प्रक्रिया की शुरुआत फेसबुक अमेरिका से करेगा, इसके बाद दुनियाभर में इसे लागू करेगा.’

राजनीतिक प्रचार की जांच के लिए होगी बहाली
मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि राजनैतिक विज्ञापनों में पारदर्शिता लाने के लिए वह फेसबुक के लिए एक टूल भी लॉन्च करेंगे. जुकरबर्ग ने कहा, ‘राजनीतिक विज्ञापनों को और पारदर्शी बनाने के लिए हम एक टूल विकसित करेंगे, ताकि सामान्य यूजर को इस विज्ञापन की पहचान हो सके. इस टूल का इस्तेमाल हमने कनाडा में किया है. जल्द ही इसे हम वैश्विक स्तर पर लॉन्च करेंगे.’ इसके अलावा जुकरबर्ग ने अपने पोस्ट में यह भी कहा है कि फेसबुक पर राजनीतिक विज्ञापन देने वालों की जांच के लिए हम बड़ी संख्या में तकनीकी लोगों की सेवाएं लेंगे. उन्होंने कहा है कि 2018 में होने वाले चुनावों से पहले हमने इन प्रक्रियाओं को पूरा करने की अवधि तय कर ली है और उम्मीद है कि समय रहते हम इसे पूरा कर लेंगे.