नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संसदीय बोर्ड की बैठक में उपराष्ट्रपति पद के लिए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू के नाम की घोषणा की गई है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एनडीए के घटक दलों को इसकी जानकारी दे दी है. अमित शाह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वेंकैया नायडू जी के पास काफी अनुभव है.

वेंकैया नायडू अब तक का सफर

1 जुलाई 1949 को वैंकेया नायडू का जन्म आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के चावटपलेम नामक गांव के कम्मा परिवार में हुआ था. वेंकैया नायडू ने अपनी शुरुआती शिक्षा नेल्लोर के वी.आर. हाई स्कूल पूरी की और वी.आर कॉलेज से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने विशाखापत्तनम से लॉ की पढ़ाई की.

नायडू साल 1972 में जय आंध्र आंदोलन से मशहुर हुए. लेकिन कहा जाता है साल 1974 में वेंकैया नायडू आंध्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ के नेता के तौर पर उभरे. जिसके बाद उनकी राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई. वेंकैया नायडू की पहचान आंदोलनकारी नेता के तौर पर रही है. आपातकाल के दौरान वेंकैया नायडू लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विचारधारा से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने सरकार का जमकर विरोध किया. जिसके कारण उन्हें जेल तक जाना पड़ा था.

लेकिन आपातकाल के बाद वेंकैया नायडू को साल 1977 से 1980 तक जनता पार्टी में युवा शाखा अध्यक्ष के पद पर रहें. जिसके उनका जुड़ाव बीजेपी के साथ जो हुआ अब तक चलता आ रहा है. नायडू 1988-1993 तक आंध्र प्रदेश राज्य बीजेपी के अध्यक्ष रहे. भारतीय जनता पार्टी में उन्होंने 2002 से 2004 तक पार्टी अध्यक्ष का पदभार संभाला. कहा जाता है कि वेंकैया पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायजेपी के करीबी थे. इसके बाद उन्होंने कई मंत्री के प्रमुख पदों संभाला है.

गौरतलब हो कि वेंकैया नायडू साल 1993 से सितंबर, 2000 तक बीजेपी में राष्ट्रीय महासचिव, प्रवक्ता, केंद्रीय चुनाव समिति के पद पर थें. इसके साथ ही कर्नाटक से चार बार राज्यसभा सदस्य चुने गए. उन्होंने 30 सितंबर 2000 से लेकर 1 जुलाई 2002 तक भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री के पद पर रहें. फिलहाल  वेंकैया नायडू 26 मई 2014 शहरी विकास और संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री के पद हैं. आज वेंकैया नायडू का नाम दिग्गज नेताओं में शुमार है. उनके पास 25 साल से लंबा संसदीय कार्य का अनुभव है.