नई दिल्ली: भारत की पहली महिला डॉक्टर आनंदी गोपाल जोशी की 153वीं की जयंती पर गूगल ने उन्हें अपने खास अंदाज में श्रद्धांजलि दी है. गूगल ने उनकी जयंती पर शनिवार को शानदार डूडल बनाया है. जोशी का जन्म 31 मार्च 1865 को महाराष्ट्र में हुआ था. जोशी को समर्पित डूडल में वह हाथ में डिग्री और गले में स्टेथोस्कोप डाले हुए नजर आ रही हैं.

भारत की पहली महिला डॉक्टर थीं आनंदी गोपाल जोशी

जोशी 1886 में अमेरिका से डॉक्टर की डिग्री के साथ सिर्फ 19 साल की उम्र में भारत लौट आई थीं. उनका जीवन साहस और दृढ़ता का सफर रहा है. उनकी शादी 9 साल की उम्र में गोपलाराव नाम के शख्स के साथ कर दी गई जो उनसे उम्र में 20 साल बड़ा था. गोपालराव ने हालांकि, अपनी युवा पत्नी को अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित किया. ब्याह के वक्त आनंदी को अक्षर ज्ञान भी नहीं था. उनके पति गोपाल ने उन्हें क,ख,ग से पढ़ाया.

आनंदी जोशी ने 14 साल की उम्र में एक लड़के को जन्म दिया, लेकिन उसकी उचित चिकित्सा देखभाल की कमी के कारण जल्दी मौत हो गई. कहा जाता है कि गमजदा मां की जिंदगी में यहीं से एक अहम मोड़ आया, जिससे उनकी मेडिसिन में रुचि जागी. इसके बाद गोपालराव ने आनंदी को अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया और 16 साल की उम्र में उन्हें अमेरिका भेज दिया.

उन्होंने यहां के महिला मेडिकल कॉलेज ऑफ पेंसिलवेनिया (जिसे अब ड्रक्सेल यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिसिन के नाम से जाना जाता है) से मेडिकल की डिग्री हासिल की. डिग्री लेने के बाद वह भारत में महिलाओं के लिए एक मेडिकल कॉलेज खोलने का सपना लेकर लौटीं. हालांकि, दुर्भाग्य से उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया. वह भारत लौटने के बाद काफी बीमार रहने लगी थीं. टीबी से पीड़ित जोशी की तबीयत दिन-ब-दिन खराब होती गई. 26 फरवरी 1887 को टीबी के कारण 22 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.