नई दिल्ली: बाजार में एनसीईआरटी की पुस्तकों की कमी और स्कूलों से निजी प्रकाशन की महंगी पुस्तकें खरीदने को विवश अभिभावकों की समस्याओं की खबरों के बीच मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बाजार में उचित मूल्य में पर्याप्त संख्या में पुस्तकें उपलब्ध करायी गई हैं ताकि छात्रों को महंगी पुस्तकें नहीं खरीदना पड़े. मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अनिल स्वरूप ने कहा कि एनसीईआरटी की पुस्तकें पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्रों को महंगी पुस्तकें नहीं खरीदनी पड़े. एनसीईआरटी की पुस्तकें उचित मूल्य पर उपलब्ध हैं.

राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के एक अधिकारी ने इस बारे में बताया कि सभी पुस्तकों का नया, अपडेटेड संस्करण बाजार में उपलब्ध है. दिल्ली में करीब 100 दुकानों पर ये उपलब्ध हैं जहां से इनकी खरीद की जा सकती है. पुस्तकों की कमी और निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिये दबाव दिये जाने के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति ऐसी स्थिति में एनसीईआरटी के पोर्टल से इन पुस्तकों को प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा वे सीबीएसई के अध्यक्ष और सचिव से इस संबंध में शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

उल्लेखनीय है कि एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बीच दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत कई प्रदेशों से एनसीईआरटी की पुस्तकों की कमी और स्कूलों द्वारा निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने पर जोर देने की खबरें आ रही हैं. इस विषय पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का कहना है कि परीक्षा की तैयारी का आधार एनसीईआरटी पुस्तकें होती हैं जिसे देखते हुए काफी संख्या में पुस्तकें सुझाना और उन्हें खरीदने का दबाव डालना सही नहीं है.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि बोर्ड के कई निर्देशों के बावजूद ऐसा देखा गया है कि सीबीएसई से संबद्ध विभिन्न स्कूल छात्रों और अभिभावकों को एनसीईआरटी या बोर्ड की पुस्तकों से इतर अन्य पुस्तकें खरीदने का दबाव डालते हैं. बोर्ड को प्राप्त शिकायतों से भी यह बात स्पष्ट होती है. ऐसे में बोर्ड इस बात पर जोर देता है कि इस तरह दबाव डालना सही नहीं है.

सीबीएसई ने इस संबंध में कुछ समय पहले संबंद्ध स्कूलों को परिपत्र भी जारी किया था. इसमें कहा गया है कि बोर्ड इस बात पर जोर देता है कि काफी किताबें सुझाना, बच्चों और अभिभावकों को एनसीईआरटी से इतर पुस्तकें खरीदने के लिए दबाव डालना ‘अस्वस्थ्यकर चलन’ और शैक्षणिक दृष्टि से सही नहीं है. इसमें कहा गया है कि विशेषतौर पर एनसीईआरटी की पाठ्यसामग्री बोर्ड की टेस्ट परीक्षा की तैयारी का आधार है. सीबीएसई की परीक्षा और परीक्षा पत्र विषयों के नियत पाठ्यक्रम के अनुरूप होते हैं.

(इनपुट-पीटीआई)