महाराष्ट्र के बाद गुजरात के भी निकाय चुनावों में भाजपा ने विरोधियों को झटका देते हुए बढ़त हासिल कर ली है। बता दे कि महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी नंबर वन पार्टी बनकर उभरी है। गुजरात में 32 जिला पंचायत, तालुका पंचायत और नगर पालिका परिषद के लिए हुए उप चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 23 सीट जीत ली हैं।

जबकि उसके मुख्य विरोधी कांग्रेस को मात्र आठ सीटों से संतोष करना पड़ा है। खास बात ये है कि इन उप चुनावों को नोटबंदी के बाद भाजपा के लिए अग्निपरीक्षा माना जा रहा था। ऐसे में भाजपा की यह जीत शीर्ष स्तर तक पार्टी में उत्साहवर्धन करने का काम करेगी। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव, सोलापुर में कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, BJP ने 50 साल बाद छिनी सत्ता

-महाराष्ट्र नगर परिषद में BJP को 147 सीटों में से 52 पर मिली जीत।
बीजेपी को नगर परिषद की 147 सीटों में से 52 पर जीत हासिल हुई है। वहीं शिवसेना 23 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर और कांग्रेस 21 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर रही। इसी तरह नगर पंचायत चुनावों में भी बीजेपी को सबसे ज्यादा 851 सीटों पर जीत मिली है जबकि शिवसेना 514 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही।

-नगर निकाय में खिल गया कमल का फूल।
पहली बार राज्य में नगर अध्यक्ष को सीधे जनता ने चुना है. यानी लोगों को एक वोट नगरसेवक के लिए करना था और दूसरा वोट नगरअध्यक्ष के लिए। नतीजा ये हुआ कि कोंकण की खेड नगरपालिका में बहुमत तो शिवसेना को मिला लेकिन नगरअध्यक्ष पर राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस के उम्मीदवार को जीत मिली. जिस नगर निकाय में कांग्रेस और एनसीपी का सिक्का चलता था, आज वहां कमल का फूल खिल गया है।

गौरतलब है कि आठ नवंबर को देशभर में बड़े नोटों को बंद करने का फैसला लागू होने के बाद से ही विपक्ष ने सरकार को निशाने पर ले रखा है। आम लोगों की समस्याओं को इस मुद्दे से जोड़ते हुए कांग्रेस समेत तमाम बड़े दलों ने सरकार के फैसले को गरीबों की मुसीबत बढ़ाने वाला बताया है।