नई दिल्ली. केंद्रीय चुनाव आयोग आज यानि 12 अक्टूबर को गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है. सूत्रों के मुताबिक हिमाचल में एक चरण में जबकि गुजरात में दो चरणों में ये चुनाव हो सकते हैं. ऐसी भी जानकारी मिली है कि 15 से 25 दिसंबर के बीच ये पूरा कार्यक्रम निर्धारित हो सकता है. चुनाव आयोग शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान कर सकता है. 

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गुजरात और महाराष्ट्र दोनों ही राज्यों में चुनाव राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है. गुजरात में सत्ता की हैट्रिक लगा चुकी बीजेपी के समक्ष इस बार विजय हासिल करने की तगड़ी चुनौती है. पाटीदार आंदोलन पहले ही पार्टी को परेशान किया हुआ था लेकिन जीएसटी के लागू होने के बाद व्यापारियों का विरोध भी बीजेपी के लिए सिरदर्द बनता दिखाई दे रहा है. राज्य में दलितों के उत्पीड़न की घटनाएं भी बीजेपी के लिए चिंता बढ़ाती नजर आ रही हैं.

गुजरात की कुल आबादी 6 करोड़ 38 लाख के करीब है, जिनमें दलितों की आबादी 35 लाख 92 हजार के करीब है. 2011 की जनगणना के मुताबिक गुजरात में दलितों की जनसंख्या 7.1 प्रतिशत है जबकि पूरे भारत में यह प्रतिशत 16.6 है. दलित संख्या में राज्य में भले कम हैं लेकिन चुनाव में एक एक वोट अहम हो जाता है. यही वजह है कि न सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बल्कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी गुजरात पर नजरें जमाए हुए हैं. पीएम मोदी ने हाल में अपने गृह जिले वडनगर का भी दौरा किया. 

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हिमाचल भौगोलिक दृष्टि से छोटा राज्य है लेकिन कांग्रेस अगर इसे गंवाती है तो उसके पास सिर्फ पंजाब के अलावा कर्नाटक ही ऐसा अहम राज्य बचेगा जहां अकेले दम पर पार्टी की सत्ता है. हिमाचल में पार्टी के सीएम वीरभद्र सिंह भी हाल में कांग्रेस विरोधी राय देते नजर आए थे. वीरभद्र पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं और इस मामले में उनकी कोर्ट में पेशी को पीएम मोदी भी मुद्दा बना चुके हैं. राज्य में अपराध को लेकर भी कांग्रेस सरकार घिरती रही है.