नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने एक पीएचडी शोधार्थी के आत्महत्या का प्रयास करने के बाद एक माइक्रोबॉयलॉजी प्रोफेसर के तहत पीएचडी और शोध कर रहे सभी छात्रों को दूसरे संकाय सदस्यों के पास स्थानांतरित कर दिया है तथा संबंधित महिला प्रोफेसर को तीन साल के लिए छात्रों का मार्गदर्शन करने से रोक दिया है.

माइक्रोबॉयलॉजी विभाग से ताल्लुक रखने वाले 36 वर्षीय पीएचडी छात्र ने 25 मार्च को गौतम नगर स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर ड्रग ओवरडोज के जरिए आत्महत्या करने की कोशिश की थी और उसने पीएचडी करा रही प्रोफेसर पर मानसिक उत्पीड़न , गाली गलौज करने तथा छात्रवृत्ति में विलंब करने का आरोप लगाया था. इस घटना से एम्स के पीएचडी छात्रों में रोष उत्पन्न हो गया था. उन्होंने आरोपी प्रोफेसर को निलंबित करने तथा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी. इसके बाद मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी.

एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि उसके (प्रोफेसर के) मार्गदर्शन में पीएचडी कर रहे सभी छात्रों को अन्य संकाय सदस्यों के पास स्थानांतरित कर दिया गया है. इसके साथ ही अगले तीन साल तक वह किसी भी छात्र का मार्गदर्शन नहीं करेगी. आत्महत्या का प्रयास करने वाले पंचम वर्ष के छात्र ने एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि प्रोफेसर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित और अपमानित कर रही है जिसके तहत वह अगस्त 2013 में पंजीकृत हुआ था.

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उसने लिखा था , ‘मुझे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित और अपमानित किया जा रहा है. वह बार-बार हर किसी के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती है और गाली- गलौज करती है. काम सही होने पर भी वह डांटती है.’ छात्र ने यह भी लिखा था कि मेरा मानसिक उत्पीड़न बढ़ गया है क्योंकि वह (प्रोफेसर) प्रयोगशाला में उचित सुविधाएं, फंड हासिल करने में सक्षम नहीं है और चीजें उपलब्ध हों, इसके लिए वह कोई कोशिश नहीं करती है … मेरी छात्रवृत्ति में विलंब हो गया है और इससे मैं अतिरिक्त वित्तीय समस्या तथा मानसिक परेशानी का सामना कर रहा हूं.

उसने यह भी दावा किया था कि इस प्रोफेसर के तहत पीएचडी कर रहे कुछ छात्र प्रयोगशाला में काम करते समय उचित उपकरण और व्यक्तिगत ऐहतियाती सुविधाओं की कमी के चलते टीबी की चपेट में आ चुके हैं. माना जाता है कि एम्स ने विभाग में पीएचडी कराने से जुड़े सभी प्रोफेसरों को प्रयोगशाला स्टाफ के लिए सुरक्षा कदम तथा अवसंरचना क्रियान्वयन का निर्देश दिया है. (इनपुट-एजेंसी)