सागर: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की ओर से ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने का बयान देकर हलचल बढ़ाने वाले पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने रविवार को अपने इस बयान पर सफाई दी. मध्य प्रदेश पहुंचे गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने राज्य के विधानसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री चेहरा बनाए जाने की बात उनके युवा होने के नाते की थी.

हार्दिक ने कहा कि इसपर फैसला तो कांग्रेस अध्यक्ष को करना है. सागर जिले के गढ़ाकोटा में रविवार को आयोजित संभागीय किसान सम्मेलन में हिस्सा लेने आए युवा नेता हार्दिक ने संवाददाताओं से कहा, “किसानों को सरकार के रवैए के बारे में समझाना है, वे जागरूक हों और खुद फैसला करें कि किसे सत्ता देनी है. मौजूदा केंद्र और राज्य सरकार किसान विरोधी है.”

मध्य प्रदेश की राजनीति को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि युवा आगे आएं, जहां तक ज्योतिरादित्य सिंधिया की बात है तो मैंने उनका जिक्र इसलिए किया था, क्योंकि वे युवा हैं. मैंने कहा था कि अगर कोई युवा आगे आता है तो मैं उसका समर्थन करूंगा. बाकी फैसला तो पार्टी के अध्यक्ष को करना है, मैं कोई कांग्रेस का अध्यक्ष थोड़े हूं.”

जब उनसे पूछा गया कि सिंधिया तो सामंतशाही के प्रतीक माने जाते हैं, तो हार्दिक ने कहा, “उन्हें उससे बाहर लाने की जिम्मेदारी हमारी और आपकी ही है.” अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए हार्दिक ने कहा कि, “युवा के हाथ में सत्ता की कमान आएगी तो देश आगे बढ़ेगा. आज भी हम मंदिर-मस्जिद के नाम पर हम आपस में लड़ रहे हैं, क्या हमारा देश मेड इन इंडिया बनकर आगे नहीं आ सकता?”

इसके अलावा हार्दिक ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के एम्स में इलाज कराने को लेकर भी तंज कसा. हार्दिक ने कहा कि अगर कांग्रेस भी विकास के नाम पर सिर्फ शौचालय ही बनवाती तो बेचारे जेटली जी कहां इलाज कराते.