जोधपुर: रेप के आरोप में जोधपुर जेल में बंद कथावाचक आसाराम के मामले में कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. जोधपुर की एससी/एसटी कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है और 25 अप्रैल को इस मामले पर फैसला आ सकता है. शुक्रवार को ही कोर्ट ने बलात्कार के मामले में साक्ष्य दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करने में विलंब के लिए गुजरात पुलिस को फटकार लगाई थी और इस प्रक्रिया को पांच सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया था. शीर्ष अदालत ने राज्य पुलिस से मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में विलंब के बारे में सवाल किए थे और कहा था कि ‘‘ऐसा महीनों तक नहीं चल सकता.’’

शुक्रवार को न्यायमूर्ति एन वी रमण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने इस मुकदमे की प्रगति की स्थिति की जानकारी मांगी थी जिसपर गुजरात सरकार की ओर से अतिरिक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि पीडि़तों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. इस पर पीठ ने तुषार मेहता से पूछा था कि इन गवाहों से पूछताछ के लिए कितना वक्त चाहिए. मेहता ने जवाब दिया कि यह प्रक्रिया दो तीन महीने में पूरी हो जाएगी.

सूरत की रहने वाली दो बहनों ने अलग अलग शिकायतों में आसाराम और उनके पुत्र नारायण साई के खिलाफ उनका बलात्कार करने और गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाकर रखने सहित अनेक आरोप लगाए थे. बड़ी बहन का आरोप है कि अहमदाबाद के निकट उनके आश्रम में 2001 और 2006 के दौरान आसाराम ने उसका बार बार यौन उत्पीड़न किया था. आसाराम को 31 अगस्त, 2013 को जोधपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था और इसके बाद से ही वह जेल में हैं.

दो दशक पुराने काले हिरण शिकार मामले में जमानत पर रिहा हुए सलमान खान ने भी उसी जेल मे लगभग 50 घंटे काटे हैं जिसमें कई सालों से आसाराम बंद है. आसाराम जोधपुर जेल में नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में बंद है. एक बार आसाराम ने कहा भी था कि सलमान केस से बरी हो सकते हैं तो मैं क्यों नहीं. 2002 के हिट एंड रन केस में सलमान को हाई कोर्ट की ओर से बरी किए जाने के बाद आसाराम ने ये बात कही थी. 2015 में कोर्ट में पेशी के लिए लाए जाने के दौरान आसाराम ने मीडिया के सवाल पर दिल का दर्द बयां किया था.