नई दिल्ली: उत्तर भारत में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है. बारिश और बाढ़ की सबसे अधिक मार असम पर पड़ी हैं, जहां अब तक तकरीबन 60 लोगों के मारे जाने और 10 लाख से भी ज़्यादा लोगों के प्रभावित होने की खबर है. वहीं बाढ़ से गुजरात में अबतक 9 लोगों के मारे जाने की खबर है.

बिहार, यूपी, एमपी, महाराष्ट्र और ओडिशा के भी ज़्यादातर इलाके बाढ़ की चपेट में हैं. उत्तरी बिहार में कोसी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है तो ओडिशा और यूपी की भी ज़्यादातर नदियां उफान पर हैं.

उड़ीसा में भी बारिश से तबाही 

बाढ़ और बारिश ने पूरे उड़ीसा में तबाही मचा रखी है.  कालाहांडी में नदियों में बहने वाला पानी सैलाब की शक्ल में गलियों और घरों में घुस गया है. जिले में लगातार बारिश होने के चलते आई बाढ़ से रेलवे ओवरब्रिज समेत कई पुल बह गए और इसके अलावा बाढ़ के कारण कई प्रमुख सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं.

लोगों की सुरक्षा के लिए ओडिशा सरकार ने रविवार को सेना और वायु सेना की मदद मांगी और केंद्र सरकार से राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए चार हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने का आग्रह किया है.  अधिकारियों के साथ आपात बैठक करने के बाद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि लगातार बारिश होने से नागाबलि और कल्याणी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और रायगड़ा जिले में कल्याणसिंहपुर प्रखंड और कालाहांडी जिले के कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात हैं। कल्याणसिंहपुर प्रखंड में वायु सेना के हेलीकॉप्टर इस्तेमाल किए जाएंगे जहां लोग डूबे हुए घरों की छतों पर फंसे हुए हैं.

मध्य प्रदेश में भी नदी- नाले उफाने पर 

भारी बारिश के बाद एमपी के खरगोन में नदी-नाले उफान पर हैं. गोगावां-बिलखेड़ मार्ग पर खोड़ी नदी उफान पर आने से पुलिया के दोनों छोर पर लोगों की भीड़ लग गई. पुल के डूबने से सैकड़ों लोग घंटों फंसे रहे. पुलिया पर बाढ़ का पानी करीब 6 फीट ऊपर बह रहा था। लोग दोपहर से रात तक बाढ़ उतरने का इंतजार करते रहे. आलम ये है कि कुछ घंटे भी तेज बारिश होने पर नदी जल्द ही उफान पर आ जाती है.