नई दिल्ली| केंद्रीय चुनाव आयोग आज यानि 12 अक्टूबर को गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है. जानकारी यह भी है कि हिमाचल में एक चरण में जबकि गुजरात में दो चरणों में ये चुनाव हो सकते हैं. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव का नामांकन-17 अक्टूबर, मतदान- 4 नवंबर और मतगणना 20 दिसंबर को हो सकती है.

बीजेपी को 26 सीटों पर बुक
हिमाचल प्रदेश में 2012 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को तगड़ा झटका लगा था. जनता ने सत्ता परिवर्तन करते हुए कांग्रेस को राज्य की बागडोर सौंप दी थी. कांग्रेस को प्रदेश की कुल 68 सीटों में से 36 सीटें मिली थी और बीजेपी 26 सीटों पर ही सिमट कर रह गई थी जबकि छह अन्य सीटों पर अन्य उम्मीदवारों को जीत मिली थी.

2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 13 सीटों के फायदे पर थी और बीजेपी को 15 सीटों का घाटा हुआ था. हिमाचल प्रदेश का पिछला विधानसभा चुनाव भी एक ही चरण में हुआ था और मतदान 4 नवंबर को कराया गया था और चुनाव के परिणामों की घोषणा 20 दिसम्बर 2012 को की गई थी.

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पिछले विधानसभा चुनाव में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी. पांच बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष 78 वर्षीय वीरभद्र सिंह ने शिमला ग्रामीण सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वी बीजेपी के ईश्वर रोहल को 20 हजार मतों से पराजित किया था.

हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रेम कुमार धूमल ने कांग्रेस के नरिन्दर ठाकुर को 9500 मतों से पराजित किया था. प्रेम कुमार धूमल के मंत्रिमंडल के चार सहयोगी नरिन्दर बरागटा, खिमी राम, कृष्ण कुमार और रोमेश धवला चुनाव हार गए, जबकि प्रेम कुमार धूमल के मंत्रिमंडल सहयोगी गुलाब सिंह, मोहिन्दर सिंह, जयराम ठाकुर, रविन्दर सिंह रवि, सरवीन चौधरी और ईश्वर दास धीमान चुनाव जीते थे.

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पिछली बार शिमला ग्रामीण से चुनाव लड़े थे सीएम
कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए गए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि बीजेपी को भी राज्य में अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करनी चाहिए. 2012 के चुनाव में वीरभद्र शिमला ग्रामीण से चुनाव लड़े थे जबकि सूत्रों के अनुसार खबर है कि वीरभद्र इस बार अपनी पुरानी सीट की जगह शिमला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र से लड़ेंगे. इस सीट से पहले, आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स चुनाव लड़ती थी. लेकिन बढ़ती उम्र और पारिवारिक दबाव के चलते विद्या स्टोक्स ने चुनाव से हटने का फैसला लिया. विद्या स्टोक्स लगभग 90 साल की हो गई हैं.

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शिमला ग्रामीण सीट से इस बार वीरभद्र के बेटे और युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह के चुनाव लड़ने की खबरें हैं. विक्रमादित्य ने इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए आवदेन किया है. हालांकि अभी उनका नाम फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि वही यहां से चुनाव लड़ेंगे. शिमला ग्रामीण से विक्रमादित्य के अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य प्रदीप वर्मा ने भी टिकट के लिए आवेदन किया है.

वहीं बीजेपी ने भी हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस लिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, प्रदेश के बीजेपी प्रभारी मंगल पांडेय और क्षेत्र से बीजेपी सांसद शांता कुमार महीने भर पहले से ही रैलियां कर रहे हैं. इससे पहले नड्डा ने कहा था कि टिकट के लिए उन लोगों के नामों पर ही विचार किया जाएगा जिनके जीतने की संभावना है.