शिमला। हिमाचल प्रदेश में मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए भीषण भूस्खलन की चपेट में हिमाचल रोडवेज की दो बसों के आने से कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि दोनों बसों में 50 से अधिक लोग सवार थे. बादल फटने से भीषण भूस्खलन हुआ.

एक अधिकारी ने बताया, ‘‘अब तक 46 शव बरामद किए गए हैं और इनमें से 23 की पहचान कर ली गई है.’’ उन्होंने कहा कि शाम के समय राहत और बचाव अभियान रोक दिया गया क्योंकि और भूस्खलन होने की आशंका थी. बचाव अभियान सोमवार सुबह को फिर शुरू होगा. उधर, रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि सेना की दो टुकड़ियों को बचाव कार्य में लगाया गया है.

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरफ), सेना और पुलिस के दल मौके पर पहुंच गए हैं और वहां जेसीबी मशीन भी तैनात की गईं. उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर शोक संवेदना व्यक्त की है. मोदी ने एक ट्वीट में कहा, “हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भूस्खलन से संबंधित घटनाओं के कारण हुई मौतों से पीड़ा हुई. मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी शोक संवेदना.”

राज्य के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि सभी शव बरामद किए जाने तक बचाव अभियान जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि मनाली-कटरा बस में आठ लोग यात्रा कर रहे थे जिनमें तीन लोगों की मौत हो गई और पांच लोगों को बचा लिया गया और उनको मंडी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एक अधिकारी ने कहा कि दूसरी बस में 47 यात्री थे और यह बस मनाली से चम्बा जा रही थी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी. उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की. स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर, परिवहन मंत्री जी एस बाली और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने भी मौके का दौरा किया.

ठाकुर ने कहा कि मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी जबकि बाली ने ऐलान किया कि हिमाचल परिवहन निगम की ओर से इन परिवारों को एक-एक लाख रूपये दिये जाएंगे.

भाषा इनपुट