नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार किसी मस्जिद में गए और हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया न आए, ऐसा हो सकता है. जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ मोदी के सीदी सैयद मस्जिद दौरे पर अखिल भारतीय हिंदू महासभा बिफर गया है. महासभा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐसा करना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है और 125 करोड़ हिंदू इसे माफ नहीं करेंगे. महासभा ने कहा है कि भारत की पीएम के इस कदम से हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंची है.

महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा ने एक हिंदी टीवी चैनल से कहा कि जापानी पीएम को सीदी सैयद मस्जिद की जगह सोमनाथ मंदिर, द्वारका एवं ज्योतिर्लिंग का दर्शन कराना चाहिए था लेकिन मोदी ने ऐसा नहीं किया. शर्मा ने कहा कि भारत की छवि एक हिंदू राष्ट्र की है और हिंदू राष्ट्र के रूप में ही हमारी पहचान है. शिव, राम और कृष्ण हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं.

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव शर्मा ने आगे कहा कि ये सारा काम विधानसभा चुनाव को देखते हुए किया गया है. पीएम ने ऐसा करना अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण करने जैसा है. हिंदू महासभा के नेता ने कहा कि इसी वजह से कांग्रेस की बुरी गत हुई है. शर्मा ने कहा कि अगर ऐसे ही तुष्टिकरण बीजेपी सरकार भी करती रहेगी तो बीजेपी को मिटने में और कम समय लगेगा.

बता दें कि बुधवार को जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के भारत आगमन पर उनका जबर्दस्त स्वागत किया गया. मोदी उन्हें मध्य युग की प्रसिद्ध सीदी सैयद मस्जिद गए. यह मस्जिद दुनिया भर में अपनी जाली के लिए मशहूर है. इस मस्जिद को लोग ‘सिदी सैयद नी जाली’ के नाम से जानते हैं. मोदी ने उन्हें 1573 में बनी इस मस्जिद के महत्व के बारे में बताया. मस्जिद की दीवार पर बनी जाली भारतीय प्रबंध संस्थान, अहमदाबाद का आधिकारिक लोगो भी है.