श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में रविवार को चौबीस घंटे तक चली गोलीबारी में हिजबुल मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडर यासीन इत्तू सहित तीन आतंकवादी मारे गए. इसमें दो जवान भी शहीद हुए. इस दौरान दर्जन भर पत्थरबाज भी सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष में घायल हुए. सुरक्षा बलों व आतंकवादियों के बीच करीब 24 घंटे गोलीबारी चली.

शोपियां जिले के अवनीरा गांव में गोलीबारी के दौरान मारे जाने वालों में हिजबुल का आपरेशनल कमांडर यासीन इत्तू उर्फ महमूद गजनवी भी शामिल था. अन्य दो मारे गए आतंकवादियों की पहचान उमर माजिद और इरफान के तौर पर हुई है. इससे पहले माना जा रहा था कि तीसरा आतंकवादी अदिल मलिक है.

इत्तू को यट्टू भी बुला जाता है. वह बडगाम जिले के चडोरा का निवासी था. वह 1997 में आतंकी समूह में शामिल हुआ था और तभी से आतंकी गतिविधियों में शामिल था. तीनों मारे गए आतंकवादी हिजबुल मुजाहिदीन से थे. उनके पास से तीन एके-47 राइफल बरामद हुईं हैं. सुरक्षा बलों ने अवनीरा में आतंकवादियों के छिपने के ठिकाने को विस्फोट से उड़ा दिया.

जम्मू कश्मीर पुलिस प्रमुख एस.पी. वैद ने इस सफलता को लेकर ट्वीट किया, “शोपियां में मारे गए एक आतंकवादी की पहचान यासीन इत्तू के रूप में हुई है. वह हिजबुल मुजाहिदीन का ऑपरेशनल कमांडर था.” इससे पहले की अपने पोस्ट में उन्होंने कहा, “आज सुबह में जेनपोरा शोपियां में तीन आतंकवादी मारे गए.”

अवनीरा गांव में सुरक्षा बलों के कार्रवाई के दौरान करीब दर्जन भर से ज्यादा युवक पत्थरबाजी के दौरान घायल हुए. प्रदर्शनकारियों को गोली से घायल होने पर उन्हें श्रीनगर शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया. गोलीबारी में सेना के पांच जवान घायल हुए। दो घायल जवानों की बाद में मौत हो गई.

घायल जवानों का श्रीनगर के बदामी बाग इलाके में सेना के अस्पताल में इलाज चल रहा है. सुरक्षा बलों ने विशेष सूचना मिलने पर शनिवार की शाम को अवनीरा गांव को घेर लिया था. इसके बाद आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी की. फिर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की.