मनीला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उम्मीद जताते हुए कहा कि पूर्वी एशिया सम्मेलन को भविष्य में ज्यादा महत्व मिलेगा. यह आसियान के सदस्य देशों और अन्य आठ देशों का प्रमुख मंच है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि मोदी ने 12वें पूर्वी एशिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, आने वाले वर्षो में हम चाह रहे हैं कि पूर्वी एशिया सम्मेलन को अधिक महत्व मिले.

मनीला में मोदी का मंत्र, 21वीं सदी को भारत के नाम करने के लिए कड़ी मेहनत करें भारतीय

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पीएम मोदी ने कहा, मैं आपके साथ राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराता हूं. दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के 10 देश ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम के साथ ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, न्यूजीलैंड, रूस, दक्षिण कोरिया व अमेरिका इस वार्षिक सम्मेलन में शामिल हुए.

यह मंच नेताओं को अपने विचार साझा करने और पारंपरिक व गैर पारंपरिक सुरक्षा खतरों, आतंकवाद, समुद्री सहयोग, सुरक्षा और अप्रसार संधि के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की चिंताओं पर चर्चा के लिए मंच मुहैया कराता है. पीएम मोदी रविवार को फिलीपींस की तीन दिवसीय यात्रा पर मनीला पहुंचे.

वह 36 वर्षो बाद इस देश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं. इससे पहले 1981 में इंदिरा गांधी ने इस देश की यात्रा की थी. मोदी मंगलवार को 15वें भारत-आसियान सम्मेलन में शामिल होंगे. इस वर्ष भारत-आसियान वार्ता साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं.