जम्मू। कठुआ गैंगरेप केस में एक तरफ पूरे देश में बवाल मचा हुआ है वहीं दूसरी तरफ पीड़ित मासूम बच्ची का परिवार दर्द में डूबा हुआ है. परिवार वाले अब भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि उनकी बेटी अब उनके बीच नहीं है. परिजन अब अपनी बच्ची के लिए इंसाफ चाहते हैं. परिजनों का कहना है कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों को फांसी दी जाए.

8 साल की मासूम बच्ची के पिता ने आज अपना दर्द बयां किया. उन्होंने कहा, मैं अपनी बेटी को हर रोज याद करता हूं. जो लोग मेरी बेटी को मारने के लिए जिम्मेदार हैं उन्हें फांसी पर लटकाया जाना चाहिए. बच्ची के दादा ने भी कहा कि उन्हें अब अपनी बच्ची के लिए इंसाफ चाहिए.

बच्ची के साथ दरिंदगी

जिले के रसाना में दो समुदायों की लड़ाई में देवस्थानी के केयरटेकर संजीराम ने अपने बेटे, भतीजे और कुछ पुलिस वालों के साथ मिलकर 8 साल की बच्ची का पहले अपहरण और फिर गैंगरेप को अंजाम दिया. इस लड़की को कई दिनों बंधक बनाए रखा गया और लगातार ड्रग्स दी जाती रही. मासूम के साथ नाबालिग सहित कई लोगों ने दुष्कर्म किया. इस मामले में पुलिस के अधिकारी भी शामिल हैं. लड़की को सात दिन तक देवस्थान पर ही रखा गया था और कई बार उसके साथ रेप किया गया. बाद में बच्ची की बेरहमी से हत्या कर उसकी लाश जंगल में फेंक दी. बच्ची की छत-विक्षत लाश मिलने पर लोगों ने प्रदर्शन किया और सरकार पर दबाव बनाया. बाद में क्राइम ब्रांच को मामला दे दिया गया.

राहुल का इंडिया गेट पर कैंडल मार्च  

बता दें कि कठुआ गैंगरेप केस की पूरे देश में गूंज है. इसे लेकर विरोध प्रदर्शनों और सियासत का दौर जारी है. गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कठुआ और उन्नाव मामले को लेकर इंडिया गेट पर कैंडल मार्च भी निकाला जिसमें भारी भीड़ जुटी. उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार चुप क्यों है. आज महिलाओं को घर से निकलने पर भी डर क्यों महसूस हो रहा है.

राहुल के मार्च को लेकर आज सियासत होती रही. बीजेपी प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल को निशाने पर लेते हुए मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया. लेखी ने कहा कि जांच से पहले ही इस तरह के विरोध प्रदर्शन करना उचित नहीं है. वहीं ईरानी ने कहा कि राहुल ने पूर्व सपा मंत्री गायत्री प्रजापति का समर्थन किया था जो रेप मामले में आरोपी थे.