नई दिल्ली: देश की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था आईआईटी ने महिला छात्राओं के लिए 779 सीटें रिजर्व करने का फैसला लिया है. आईआईटी और इंजीनियरिंग के दूसरे संस्थानों में भी छात्राओं की घटती संख्या के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है. आंकड़ों की मानें तो पिछले 5 वर्षों के दौरान आईआईटी में दाखिला लेने वाली लड़कियों की संख्या में कोई इजाफा दर्ज नहीं किया गया है. बदस्तूर बीटेक कोर्स में हर साल IIT में एडमिशन लेने की लड़कियों की संख्या सिर्फ 8 से 10 प्रतिशत ही रहती है. वहीं पीजी कोर्स में यह आंकड़ा 22 प्रतिशत तक पहुंच जाता है.

आरक्षित सीटें

इंजीनियरिंग कोर्स में लड़कों और लड़कियों की संख्या को बराबर करने के लिए भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान IIT ने पूरे देश में लड़कियों के लिए 779 सीटें आरक्षित कर दी हैं. इन 779 सीटों में से IIT खड़गपुर में लड़कियों के लिए 113 सीट, IIT धनबाद में 95 सीट, IIT कानपुर में 79, IIT बीएचयू में 76, IIT रुड़की में 68, IIT दिल्ली में 58 और IIT गुवाहटी में 57 सीट रिजर्व की गई हैं.

आंकड़ों के मुताबिक साल 2013 में 9.3% लड़कियों ने एडमिशन लिया था. जबकि साल 2014 में सिर्फ 8.8% लड़कियों का नामांकन हुआ था जो 2015 में बढ़कर 9.02% हो गया. साल 2016 में इसमें फिर से 1% की कमी आ गई. साल 2016 में दाखिला लेने वाली लड़कियों की संख्या सिर्फ 8.07% रही. साल 2017 में 9.1% छात्रओं ने एडमिशन लिया.

नये नियम इसी सत्र से लागू

छात्राएं आरक्षित सीटों का लाभ इसी साल से उठा सकेंगी. जुलाई 2018 से आईआईटी के नए बैच का नामांकन शुरू हो जाएगा और इस नए बैच में ही 779 सीटें बढ़ाई जाएंगी.