नई दिल्ली: लगातार 23 दिन के गतिरोध के बाद संसद के दोनों सदन शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गए. राजनीतिक दलों के अड़ियल रवैये के चलते संसद में विधायी कार्य भले ही नाम मात्र के हुए हों, लेकिन सत्र के अंतिम दिन अपना-अपना पक्ष रखने के लिए इन पार्टियों ने विरोध के अनोखे तरीके अपनाए. ताज्जुब तो यह कि सत्ताधारी बीजेपी भी इसमें पीछे नहीं रही. सदन में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के गैर-जिम्मेदार रवैये का विरोध करते हुए पार्टी के सांसदों ने प्रदर्शन किया. वहीं, कांग्रेस, तेदेपा, वायएसआर कांग्रेस तथा कर्नाटक के सांसदों ने भी विरोध जताने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए.

तेलुगू देशम पार्टी
आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर एनडीए से बाहर निकलने के बाद लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही तेलुगू देशम पार्टी के सांसद शुक्रवार को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के कक्ष में धरने पर बैठ गए.

TDP

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अक्सर अलग-अलग वेषों में संसद आने वाले तेदेपा के सांसद नरमल्ली शिवप्रसाद शुक्रवार को साधु के वेष में लोकसभा पहुंचे थे.
narmalli sivaprasada, TDP

वायएसआर कांग्रेस
आंध्र प्रदेश में तेदेपा के खिलाफ लड़ रही वायएसआर कांग्रेस के सांसद भी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. केंद्र द्वारा उनकी मांग नहीं माने जाने के विरोध में शुक्रवार को पार्टी के सभी सांसदों ने संसद से इस्तीफा दे दिया. पार्टी अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी ने पहले ही इसकी घोषणा की थी. आज पार्टी सांसदों ने एक साथ अपने इस्तीफे स्पीकर सुमित्रा महाजन को सौंप दिए.
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कांग्रेस
पीएनबी घोटाला और एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के मुद्दों पर सरकार का विरोध कर रही कांग्रेस पार्टी के सांसदों ने बजट सत्र के अंतिम दिन अलग-अलग मुद्दों पर प्रदर्शन किया. कर्नाटक से पार्टी के सांसद जहां कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन के खिलाफ तख्तियां लेकर आए थे, तो पंजाब के सांसदों ने कर्ज माफी के मुद्दे पर सरकार को घेरा.
karnataka congress
punjab congress

बीजेपी
केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों ने संसद में कांग्रेस के गैर जिम्मेदार रवैये के खिलाफ प्रदर्शन किया. संसदीय कार्य मंत्री अनंंत कुमार ने कहा कि कांग्रेस के असहयोगात्मक रवैये के चलते ही संसद में कोई कामकाज नहीं हो पाया.

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