नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए विपक्ष एकजुट होता दिख रहा है. विपक्षी दलों के नेताओं ने देश के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ एक महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने को लेकर गुरवार को चर्चा की और शुक्रवार को बजट सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा सभापति के समक्ष इसके लिए एक प्रस्ताव पेश किया जा सकता है. विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने प्रस्ताव को पेश किए जाने को लेकर गुरुवार को चर्चा की. शीर्ष कानूनी हस्तियों और कुछ पूर्व मंत्रियों समेत कांग्रेस के सांसदों ने इस मुद्दे पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता के कार्यालय में एक बैठक की.

एक अन्य बैठक में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने टीएमसी नेताओं के साथ इस मुद्दें पर चर्चा की. हालांकि दोनों पार्टियों के नेताओं ने इस संबंध में कुछ भी नहीं कहा. अन्य विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ चर्चाएं हुई और कुछ और सासंदों के हस्ताक्षर लिये गए. विपक्षी दल के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि विपक्ष प्रस्ताव को अंतिम रूप दे रहा है और इसे शुक्रवार को पेश किया जा सकता है.

प्रस्ताव के लिए हस्ताक्षर करने वाले एक अन्य विपक्षी नेता ने बताया कि महाभियोग प्रस्ताव पर कोई संशय नहीं है क्योंकि हस्ताक्षर करने वाले सांसदों की पर्याप्त संख्या है. संसद में एआईसीसी ब्रीफिंग में सीजेआई के खिलाफ लाए जाने वाले महाभियोग प्रस्ताव पर पूछे जाने पर कांग्रेस के प्रवक्ता राज बब्बर ने कहा कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर विचार कर रहा है.

जब उनसे पूछा गया कि यदि शुक्रवार को प्रस्ताव पेश किया जायेगा तो सत्र का केवल एक ही दिन बचा होगा, तो बब्बर ने कहा कि इसे एक दिन के रूप में न मानें, अभी इस सत्र के लिए 38 घंटे बचे है. यदि यह प्रस्ताव लाया जाता है तो देश के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब भारत के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ यह महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा.