पटना, 30 नवंबर| पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ यहां प्रदर्शन किया, और कहा कि देश में आज आर्थिक आपातकाल जैसे हालात पैदा हो गई हैं। मोदी की निंदा करते हुए तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा कि 500 और 1000 रुपये के नोट अमान्य घोषित कर प्रधानमंत्री ने देश में ‘सुपर इमरजेंसी’ लागू कर दी है।

पटना के गर्दनीबाग इलाके में एक रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल प्रमुख ने कहा, “मोदी ने लोगों के जीने की आजादी छीन ली है। उन्होंने लोगों से रोटी, कपड़ा और मकान छीन लिया है।” पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ उनकी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कुछ नेता थे।

उन्होंने कहा, “मोदी ने महिलाओं की उनके घरों की पुरानी बचतों को बुरी तरह प्रभावित किया है। महिलाएं संकट काल के लिए अक्सर बचत करती हैं, लेकिन मोदी ने नोटबंदी के जरिए इसे खत्म कर दिया है। यह महिला शक्ति का भी अपमान है।” यह भी पढेंः भाजपा संगठन में बड़े बदलावः मनोज तिवारी और नित्यानंद को लाने के पीछे ये हैं 5 बड़ी वजहें

बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल (युनाईटेड) ने नोटबंदी का समर्थन किया है, जबकि सत्ताधारी गठबंधन के सबसे बड़े घटक दल राजद केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ ममता के विरोध प्रदर्शन में शामिल था। राजद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे रैली में उपस्थित थे।

दोनों पूर्वे और सिंह ने ममता के साथ मंच साझा किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री मंगलवार रात राजद के प्रमुख लालू प्रसाद के निवास पर गई थीं और उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के साथ-साथ उनके छोटे पुत्र और बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी।

राजद के वरिष्ठ नेता भोला यादव ने कहा, “ममता द्वारा मोदी के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने की मांग पर लालू प्रसद ने हामी भर दी थी।” तृणमूल अध्यक्ष मंगलवार की शाम यहां पहुंची थीं। पार्टी के नेताओं ने कहा कि कुछ दिनों से बीमार चल रहे लालू प्रसाद रैली में शामिल नहीं हो सके।

हालांकि, ममता ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से न तो मुलाकात की और न ही उन्हें रैली में आने का न्योता दिया, क्योंकि वह नोटबंदी के फैसले के समर्थन में हैं।