नई दिल्ली। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस बार मानसून सामान्य रहेगा. मौसम विभाग ने कहा कि इस साल कम मानसून की बहुत कम संभावना है. भारतीय मौसम विभाग के डीजी के जे रमेश ने कहा कि मानसून का लंबी अवधि का औसत 97 प्रतिशत रहेगा जो कि इस मौसम के लिए सामान्य है.

के जे रमेश ने कहा कि इस बार देश में लगातार तीसरी बार सामान्य मानसून रहने का अनुमान है और अवधि का औसत 97 फीसदी रहेगा. बता दें कि अगर एलपीए की 96-104 प्रतिशत तक बारिश होती है, तो मॉनसून को सामान्य माना जाता है. वहीं, 90 प्रतिशत से कम को कम मॉनसून और 90-96 प्रतिशत को सामान्य से कम माना जाता है.

प्रदूषण और फसल चक्र के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाने वाली मौसम की दीर्घकालिक घोषणा का यह पहला चरण है. हर साल दो चरणों में होने वाली मौसम के पूर्वानुमान की घोषणा के आधार पर प्रदूषण से निपटने के पूर्वनियोजित कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाता है. साथ ही किसानों के लिए भी मौसम के दीर्घकालिक पूर्वानुमान की खासी अहमियत होती है. इसके आधार पर देश भर के किसान अपनी फसलों का निर्धारण करते हैं.

पहले चरण में दक्षिण पश्चिम मानसून की सक्रियता से अप्रैल से जून के बीच होने वाली बारिश का दीर्घकालिक पूर्वानुमान व्यक्त किया जाता है. इसके आधार पर दूसरे चरण में साल के बाकी महीनों में बारिश और मौसम के मिजाज का आंकलन किया जाता है.

स्काईमेट का अनुमान

मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एक निजी एजेंसी स्काईमेट ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि जून में रिकॉर्ड बारिश होगी. जुलाई में यह सामान्य रहेगी और अगस्त में सामान्य से कम रहेगी. सितंबर में फिर से बारिश जोर पकड़ेगी. पिछले साल स्काईमेट ने सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान लगाया था.