नई दिल्‍ली: कर्नाटक में विधानसभा की 224 सीटों के लिए 12 मई को चुनाव होने हैं. नतीजों की घोषणा 15 मई को की जाएगी. 4.9 करोड़ मतदाताओं वाले राज्‍य में मुख्‍य मुकाबला सत्‍तारूढ़ कांग्रेस और बीजेपी के बीच है. पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा के नेतृत्‍व वाली जनता दल सेक्‍युलर भी सत्‍ता का दावेदार है. चुनावों के नजदीक आने के साथ ही इंडिया टुडे और कार्वी ने ओपिनियन पोल के नतीजे घोषित किए हैं. इसके अनुसार कांग्रेस एक बार फिर इन चुनावों में राज्‍य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है. बीजेपी के साथ उसका कड़ा मुकाबला, लेकिन बीजेपी को 78-86 सीटें तक मिलने का अनुमान है.

सीएम पद के लिए सर्वश्रेष्‍ठ कौन
राज्‍य के मौजूदा मुख्‍यमंत्री एस सिद्धारमैया अब भी मतदाताओं की पहली पसंद हैं. 33 फीसदी वोटर उन्‍हें मुख्‍यमंत्री पद के लिए सबसे अच्‍छा उम्‍मीदवार मानते हैं. बीजेपी के सीएम उममीदवार बी एस येदियुरप्‍पा को 26 फीसदी और जनता दल-एस के एचडी कुमारस्‍वामी को 21 फीसदी लोग सीएम के रूप में देखना चाहते हैं.

किसको कितनी सीटें मिलेंगी
ओपीनियन पोल के मुताबिक कांग्रेस को अपने दम पर बहुमत नहीं मिलेगा, लेकिन वह सबसे बड़े दल के रूप में उभरेगी. पार्टी को 90-101 सीटें तक मिल सकती हैं. 78-86 सीटों के साथ बीजेपी दूसरे नंबर पर और 34;43 सीटों के साथ जेडी-एस के तीसरे नंबर पर रहने का अनुमान है.

कांग्रेस सरकार का प्रदर्शन
38 फीसदी लोग राज्‍य की सिद्धारमैया सरकार का प्रदर्शन अच्‍छा मानते हैं. 31 फीसदी मतदाताओं ने इसे औसत और 29 फीसदी ने खराब माना है.

लिंगायत मुद्दा
लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने के राज्‍य सरकार के प्रस्‍ताव के बाद यह चुनावों में एक महत्‍वपूर्ण मुद्दा है. 52 फीसदी मतदाताओं का मानना है कि चुनावों के लिहाज से यह महत्‍वपूर्ण है. वहीं 28 फीसदी ने कहा कि चुनावी नतीजों पर इसका कोई असर नहीं होगा.